प. वीरभानलाल जोशी संस्थापक नाथद्वारा
शिविर प्रभारी पं. उमेश पुरोहित बागोल शिक्षा प्रभारी पं. गणेश व्यास जावड हवन प्रभारी ओमप्रकाश पालीवाल बागोल, सांस्कृतिक प्रभारी पं. लीलाधर जोशी, भोजनशाला प्रभारी नयन पालीवाल पिपलांत्री, हरिसिंह सिसोदिया, लीला कुंवर सिसोदिया जांबोला, हस्त रेखा प्रभारी पं. विष्णु दवे सांयो का खेड़ा को नियक्ति किया गया.
भोजन व्यवस्था विमल प्रकाश चेरिटेबल ट्रस्ट नाथद्वारा के अध्यक्ष दीपक वागरेचा, शांता देवी वागरेचा, सोनू वागरेचा और उनके परिवार की तरफ से रहेगी. टेंट व्यवस्था प्रभारी महेन्द्र प्रजापत, केटरिंग कमलेश किर रहेंगे, पानी फल परिंडे घोसले वितरण पक्षीप्रेमी शिक्षक कृष्णगोपाल गुर्जर करेंगे.
शिक्षा सेवा में सहयोग तनय पालीवाल, लव पालीवाल भैंसाकमेड़, खुशवंत पालीवाल झालों की मंदार, करेंगे. उक्त निर्णय लेकर सभी को अपनी-अपनी जिम्मेदारियां सौंपी गई. दिनांक 5 जून 2026 को शिविर का मोलेला में शुभारंभ प्रातः 11.00 बजे होगा. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पालीवाल समाज के लोकप्रिय समाजसेवी कृष्णगोपाल पालीवाल सलौदा रहेंगे. शिविर में बटुको का पंजीयन प्रारंभ कर दिया गया हैं, अभी तक 70 बटुकों का पंजीयन किया गया और व्यवस्थानुसार 101 सीटे निर्धारित की गई हैं.
शिविर में बटुकों को सिखाएंगे वैदिक परम्परा से वेद अध्ययन और मंत्रों का अभ्यास करना, जिसमें प्रातरू 5.00 बजे जागरण से रात्रि 10.00 बजे विश्राम तक सभी बटुक को नियमानुसार नित्यक्रम सारणी से दिनचर्या का पालन करना अनिवार्य होगा. शिविर में संध्या वंदन, रुद्रीपाठ, दुर्गासप्त सत्ती, रामायण, सुंदरकाण्ड और वेद के श्लोको का अभ्यास प्रतिदिन कराया जाएगा.
स्वस्थी वाचन, देवता नमस्कार, गणेश पूजन, भद्रसूक्त के पाठ का नित्य अध्ययन आचार्याे द्वारा कराया जाएगा. बैठक में अन्य व्यवस्था और तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई. जिसमें भवरलाल प्रजापत, कैलाश प्रजापत, जमनालाल प्रजापत, कालूलाल गर्ग, पुष्पादेवी गर्ग, अशोक वैष्णव, राजेंद्र सिंह परावल, पुरुषोत्तम पालीवाल सुंधा, उपस्थित रहे. सभी व्यवस्था मंे सहयोग करने और धार्मिक कार्य को आगे बढ़ाने में तन-मन-धन से सेवा सहयोग कर रहे हैं.
इस पर सभी बैठक में पधारे जयमानो का संस्थापक पं. ओमप्रकाश जोशी ने धन्यवाद दिया और आभार व्यक्त किया. शिविर मंे खेल कूद और अन्य गतिविधियां मानसिक और शारीरिक विकास के लिए आयोजित की जाएगी. दिनांक 5 जून से 16 जून 2026 तक 12 दिवसीय शिविर मोलेला जरगावड आश्रम पर आयोजित किया जाएगा.