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Pandit Pradeep Mishra: कैलाश नहीं तो जशपुर के मधेश्वर महादेव जाइए: पं. प्रदीप मिश्रा ने बताया महत्व, यहां सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग

अन्य ख़बरे Published by: PALIWALWANI Updated Sat, 22 Mar 2025 01:21 PM
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Pandit Pradeep Mishra: कैलाश नहीं तो जशपुर के मधेश्वर महादेव जाइए: पं. प्रदीप मिश्रा ने बताया महत्व, यहां सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग
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Jashpur Madheshwar Mahadev: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में स्थित मधेश्वर महादेव (Madheshwar Mahadev) शिवलिंग इन दिनों शिवभक्तों का मुख्य आकर्षण बना हुआ है। इस पवित्र स्थान पर विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग का निवास है। यहां इन दिनों सिहोर वाले पं. प्रदीप मिश्रा (Pandit Pradeep Mishra from Sehore) शिव महापुराण कथा का आयोजन कर रहे हैं।

पं. प्रदीप मिश्रा ने कहा कि जो भक्त कैलाश यात्रा (Kailash Yatra) पर नहीं जा सकते, वे जशपुर के मधेश्वर महादेव आकर भगवान शिव की कृपा प्राप्त कर सकते हैं। यह स्थान अपने धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है।

देशभर के शिवभक्तों के लिए आस्था का केंद्र बन रहा मधेश्वर महादेव

मधेश्वर महादेव का शिवलिंग घने जंगलों के बीच स्थित है। कहा जाता है कि यहां जलाभिषेक (Jalabhishek) करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यह शिवधाम न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि देशभर के शिवभक्तों के लिए आस्था का केंद्र बनता जा रहा है।

मधेश्वर महादेव की विशेषता

  • यह शिवलिंग विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग माना जाता है।
  • यहां की अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता और शांति ध्यान के लिए आदर्श है।
  • श्रद्धालु यहां आकर दिव्य ऊर्जा और मानसिक शांति का अनुभव करते हैं।

पं. प्रदीप मिश्रा के अनुसार, इस स्थान की ऊर्जा कैलाश पर्वत (Kailash Mountain) जैसी है। यहां आने वाले भक्तों को भगवान शिव का दिव्य आशीर्वाद मिलता है। जशपुर के इस स्थल को शिवभक्तों के लिए दिव्यधाम कहा जा सकता है।

यह धार्मिक स्थल न केवल धार्मिक महत्व रखता है बल्कि पर्यटकों के लिए भी खास आकर्षण है। जशपुर के घने जंगल और मधेश्वर महादेव का माहौल हर किसी को शांति और आत्मिक सुख प्रदान करता है।

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