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विधायक मनोज मंजिल को 20 साल की सजा

अन्य ख़बरे Published by: paliwalwani Updated Tue, 13 Feb 2024 11:46 PM
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बिहार :

कोर्ट में हत्या का आरोप सिद्ध होने के बाद माले विधायक मनोज मंजिल को आरा कोर्ट से ही गिरफ्तार कर लिया गया और आरा मंडल कारा भेज दिया गया। जेल जाने से पहले मनोज मंजिल ने कहा कि यह राजनीतिक षड्यंत्र है। एडीजे तीन की अदालत ने मनोज मंजिल को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही अर्थ दंड भी लगाया। दरअसल, 2015 विधानसभा चुनाव के समय जेपी सिंह नाम के व्यक्ति की हुई थी। इसका आरोप मनोज मंजिल पर लगा था।

बिहार (Bihar) की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से रोजाना कुछ नया हो रहा है। अब फ्लोर टेस्ट (floor test) के बाद मंगलवार को यहां से बड़ी खबर आ रही है। यहां भाकपा माले विधायक मनोज मंजिल (MLA Manoj Manzil) को कोर्ट ने हत्या के मामले में 20 वर्ष की सज़ा सुनाई है। सजा के बाद अब उनकी सदस्यता जा सकती है। वह साल 2015 में जे पी सिंह हत्या कांड में आरोपी थे।

महागठबंधन से एक विधायक की सदस्यता जाने वाली है। उन्हें कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। भोजपुर के अगिआंव विधायक से माले विधायक मनोज मंजिल को हत्या में मामले हुई उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। आरा सिविल कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई कर रही थी। मंगलवार को सतेन्द्र सिंह की एमपी-एमएलए कोर्ट ने मनोज मंजिल समेत 23 को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही अर्थ दंड भी लगाया। भाकपा माले के कार्यकर्ता और विधायक समर्थक कोर्ट पहुंच गए। कोर्ट द्वारा माले विधायक को सजा सुना जाने के बाद कोर्ट की सुरक्षा बढ़ा दी गई और पुलिस हर परिस्थिति से निपटने के लिए डटी रही। 

छात्र आंदोलन से हुई थी राजनीति की शुरुआत

कोर्ट द्वारा चर्चित हत्याकांड में दोषी पाए गए भाकपा माले विधायक मनोज मंजिल की राजनीतिक शुरुआत पार्टी के आइसा विंग से छात्र आंदोलन से हुई थी। भाकपा माले ने उन्हें अगिआंव विधानसभा सीट से 2015 के चुनावी मैदान में उतारा था। उस वक्त उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। 2020 में मनोज मंजिल फिर से माले के टिकट पर चुनावी मैदान में उतरे। इस बाद जदयू विधायक प्रभुनाथ राम को हरा दिया। 

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