जबलपुर.
श्री भास्कर शिव, संविदा उपयंत्री, राज्य शिक्षा केंद्र, कटंगी, जिला बालाघाट में पदस्थ हैं। श्री भास्कर शिव का अटैचमेंट कटंगी से राज्य शिक्षा केंद्र, भोपाल, दिनांक 16/12/2025 को कर दिया गया था।
श्री शिव भास्कर ने संलग्नीकरण से पीड़ित होकर, उच्च न्यायालय जबलपुर की शरण ली थी। श्री शिव की ओर से उच्च न्यायालय, जबलपुर में पैरवी करते हुए, उच्च न्यायालय जबलपुर के वकील श्री अमित चतुर्वेदी ने, उच्च न्यायालय जबलपुर की एकल पीठ के समक्ष तर्क रखते हुए कहा कि श्री भास्कर नियुक्ति अनुबंध बालाघाट से बाहर उनकी पदस्थापना को निषिद्ध करता है। दूसरे शब्दों में, जिले से बाहर उनकी पदस्थापना की अनुमति नहीं है।
संविदा टीट्रांसफर नीति के अनुसार भी, नवीन पदस्थापना हेतु, नवीन अनुबंध निष्पादित करना होगा। पुराना अनुबंध समाप्त किया जाना पड़ेगा। अतः श्री भास्कर शिव, का राज्य शिक्षा केंद्र स्थानांतरण अवैध है। श्री अमित चतुर्वेदी अधिवक्ता अमित चतुर्वेदी ने उच्च न्यायालय जबलपुर से प्रार्थना करते हुए कहा कि, राज्य शिक्षा केंद्र की अपील समिति को निर्देश जारी किए जावे।
सुनवाई के बाद, हाई कोर्ट जबलपुर ने अपील समिति को आदेश जारी किया है कि वह अनुबंध अनुसार, श्री भास्कर शिव के अटैचमेंट पर निर्णय किया जावे। साथ ही अंतरिम आदेश जारी करते हुए, श्री भास्कर शिव को, बालाघाट मे पदस्थ रहने की अनुमति उच्च न्यायालय जबलपुर ने प्रदान किया है एवं अटैचमेंट आदेश को स्टे किया कर दिया है।
श्री रामदास धाकड़, उच्च माध्यमिक शिक्षक को उनकी मूल शाला से दिनांक 09/12/2025 को शिकायत के आधार पर, उच्चतर माध्यमिक, विद्यालय, देहगुड, ब्लॉक आठनेर जिला बैतूल में अटैच/संलग्न कर दिया गया था। अपितु, सभी प्रकार के अटैचमेंट सामान्य प्रशासन द्वारा प्रतिबंधित हैं। सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग, बैतूल के आदेश के पालन में, श्री रामदास द्वारा देहगुड़ में कार्यभार ग्रहण कर लिया गया था।
परंतु, दो दिवस पश्चात ही, ग्राम वासियों की शिकायत के आधार पर दिनांक 11/12/25 को श्री रामदास को उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पहाड़पुर, ब्लॉक घोड़ाडोंगरी जिला बैतूल में अटैचमेंट कर दिया गया था। इस आदेश के विरुद्ध, उनके द्वारा उच्च न्यायालय जबलपुर की शरण ली गई थी।
श्री अमित चतुर्वेदी, अधिवक्ता उच्च न्यायालय जबलपुर ने श्री रामदास की ओर से पैरवी करते हुए उच्च न्यायालय को बताया कि श्री रामदास का अटैचमेंट जी ए डी के नियमों के विपरीत है एवं सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग बैतूल को ऐसे अटैचमेंट करने का अधिकार नहीं है।
उच्च माध्यमिक शिक्षक का नियोक्ता आयुक्त आदिवासी विकास भोपाल है। इसके अलावा, चुनाव की अधिसूचना के विपरीत, श्री रामदास का स्थान परिवर्तन किया गया है, वे, बी एल ओ के पद का निर्वहन कर रहे हैं। उपरोक्त आधारों पर, उच्च न्यायालय ने आयुक्त आदिवासी विकास को निर्देश के साथ, अटैचमेंट पर स्टे कर दिया है।
अटैचमेंट प्रकरण में, संविदा उपयंत्री एवं उच्च माध्यमिक शिक्षक की ओर से उच्च न्यायालय, जबलपुर के अधिवक्ता श्री अमित चतुर्वेदी ने पैरवी की।