88 साल के बुजुर्ग को गलत पॉलिसी बेचना पड़ा भारी, 1 करोड़ का जुर्माना

विज्ञापन

बीमा बेचने के दौरान ग्राहकों की उम्र और उनकी वास्तविक जरूरतों को नजरअंदाज करना एक बीमा कंपनी को भारी पड़ गया है। बीमा नियामक भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) ने नियमों की अनदेखी करने के मामले में केनरा एचएसबीसी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। यह पूरी कार्रवाई इंटरनेट मीडिया पर सामने आई एक पोस्ट का स्वत: संज्ञान लेने के बाद शुरू की गई थी, जिसके बाद नियामक ने कंपनी की आंतरिक निगरानी और बिक्री प्रक्रिया की जांच की।

कई गंभीर खामियां आईं सामने

जांच के दौरान नियामक ने पाया कि यह पूरा मामला एक 'डेफर्ड एन्युटी पॉलिसी' की बिक्री से जुड़ा है, जिसे केनरा बैंक के जरिए बेचा गया था। इस पॉलिसी के तहत ग्राहक से चार साल तक हर साल दो लाख रुपये का प्रीमियम लिया जाना था और ग्राहक की बेटी को एन्युइटेंट बनाया गया था। हालांकि, सबसे बड़ी खामी यह थी कि संबंधित पॉलिसी केवल 30 से 80 वर्ष की आयु के ग्राहकों के लिए निर्धारित थी, लेकिन इसे 88 साल के बुजुर्ग को बेच दिया गया, जो तय सीमा से आठ साल अधिक उम्र के थे। इसके अलावा, पॉलिसी जारी होने से पहले ही प्रीमियम ले लिया गया था और प्रीमियम भुगतान की अवधि पूरी होने से पहले प्रस्तावक की मृत्यु की स्थिति में मिलने वाली जानकारी भी ग्राहक को पर्याप्त रूप से नहीं दी गई थी।

विज्ञापन

और पढ़ें...

ये भी पढ़ें...

WhatsApp पर शेयर Facebook