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पालीवाल समाज के युवा समाजसेवी श्री हर्षद जी जोशी भी चले पिता की राह पर, निकले पड़े अकेले पदयात्रा पर...!

इंदौर Published by: paliwalwani Updated Tue, 27 Jan 2026 01:30 AM
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इंदौर.

पालीवाल ब्राह्मण समाज 44 श्रेणी इंदौर में कई ऐसे वीर योद्वा है, जो समाज की तस्वीर भी बदल सकते हैं, और कई युवाओं ने समाज की तस्वीर भी बदली हैं. एक नया समाज और उसमें युवाओं का जुनुन और उनकी मेहनत का ही नतीजा है, कि समाज नई राह पर चल पड़ा है, जैसे पदयात्रा में कई तस्वीर देखने को मिलती है, वैसे ही समाज में युवाओं की भागीदारी का नया दौर चल पड़ा हैं. 

कुछ नया करने का जुनुन होतो वो ये नहीं देखते है कि उनके पीछे कौन साथ खड़ा है. वो तो मदवाले ही होते है, जो चल पड़ते है, अकेले ही चले मंजिल कितनी भी दूर क्यों ना हो वो तो अपने परवाने पर चल पड़े, आराध्य प्रभु की राह पर...कुछ अनोखे और निराले मतवाले होते है...जो मन में ठान ले तो रेगिस्तान में भी पानी निकाल दे.

एक ऐसे ही वीर युवा योद्वा श्री हर्षद पिता भेरूलाल जी जोशी (ग्राम. आमली) ने अपने पिता की राह पर चलते हुए अकेले ही इंदौर से श्री खोड़ा जी दरबार ग्राम. नीलोद तक पैदल यात्रा 8 दिनों में ही पूर्णकर अपने आराध्य देव श्री खोड़ा जी दरबार में पहुंचकर अपनी यात्रा को पूर्ण विराम दिया.  

श्री हर्षद जोशी ने अपने पिता के पद चिन्हों पर चलते हुए इंदौर से अपने आराध्य देव के दर्शल लाभ लेने के उदे्श्य से पैदल यात्रा की सर्व प्रथम शुरूवात श्री भेरूलाल जी जोशी ने ही की थी....,उनके जुनुन को देखते हुए इंदौर में निवास कर रहे, पालीवाल समाज बंधुओं में भी जोश और उमंग के साथ धार्मिक लाभ लेने की इच्छा जाग्रुत हुई. और एक के बाद एक कई पदयात्रा का इंदौर से मंदसौर, नाथद्वारा, चारभुजा, रामदेवरा तक का संचालन होने लगा. 

आज से लगभग 40 वर्ष पूर्व श्री भेरूलाल पिता पन्नालाल जी जोशी ने भी सर्वप्रथम श्री चारभुजा गढ़बोर अकेले ही यात्रा को पूर्ण किया था. उसके पश्चात ही समाजजनों ने श्री चारभुजा यात्रा डोल ग्यारस पर आरंभ की थी. श्री हर्षद जोशी की इस धार्मिक यात्रा में समाजजन एवं यात्रा पड़ाव पर ग्रामीणों ने आत्मीय भाव से स्वागत किया.

श्री खोड़ा जी बावजी के मंदिर दरबार में पहुंचकर, आज उन्हें आदरणीय श्री नंदा बा, किशोर जी, माधुलाल जी एवं समस्त नीलोद ग्राम. निवासियों ने हर्षद जोशी का भव्य स्वागत किया. श्री हर्षद जोशी ने पैदल यात्रा के दौरान निरंतर अपने पिताजी को याद करते हुए, उस समय की कठिन पैदल यात्रा का स्मरण करते रहे और प्रभु से अरदास की आपके दरबार में जो भी भक्तगण सच्चे मन से आए तो उन्हें कभी निराश मत करना...आज हमारा परिवार आपके विश्वास पर अडिग खड़ा हैं.

पालीवाल वाणी परिवार प्रभु से अरदास करता है कि श्री हर्षद जोशी को वो सारी खुशियां मिले जो किसी और को ना मिली हो....उनके परिजनों पर आपका आशीर्वाद सदा बना रहे हैं. बस प्रभु आपसे इतनी सी विनती हैं. उक्त जानकारी पालीवाल समेज इंदौर के समाजसेवी युवा और सबके दुःख, सुख के साथी भोपाजी श्री मनीष जोशी (काका) ने दी. 

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