इंदौर. पालीवाल समाज की अद्भूत और होनहार प्रतिभा कार्तिक ओमप्रकाश जोशी की कठिन तप, तपस्या के फलस्वरूप ही आज इंदौर का नाम रोशन ही नहीं कर रहा है, बल्कि पालीवाल समाज का नाम भी गौरवान्वित करने में निरंतर दौड़ लगाकर एक नया कीर्तिमान स्थापित कर रहा हैं...ऐसे जुझारू जाबांज नौजवान को पालीवाल वाणी मीडिया समूह सैल्यूट करता हैं, धन्य है, आपके माता-पिता, उन्हें भी हम सबकी ओर से हार्दिक बधाई...
जब तुम सुबह उठकर सिर्फ यह तय नहीं कर पाते कि कौन सा कपड़ा पहनना है, या जब तुम्हारे कमरे का AC ठीक से काम नहीं करता तो तुम चिढ़ जाते हो... ज़रा अपनी नज़रें घुमाओ और इस 24 साल के लड़के, कार्तिक जोशी की इन तस्वीरों को गौर से देखो!
ये तस्वीरें किसी बंद कमरे में ली गई मॉडलिंग की नहीं हैं। यह चेहरा गवाह है उस भयंकर तपन का, जिसने शरीर की खाल तक को झुलसा दिया है। यह मुड़ा हुआ बदन कोई आराम का पोज़ नहीं है, यह असहनीय दर्द, थकावट और हर रोज़ 50 से 80 किलोमीटर दौड़ने के बाद टूटती हुई हड्डियों की चीख है!
कारगिल वॉर रूम की पवित्र मिट्टी को माथे से लगाकर निकला इंदौर का यह बेटा, आज 1400 किलोमीटर की दूरी तय करके कोटा की धरती पर खड़ा है। 25 दिनों के भीतर इस लड़के ने मौसम के वो विकराल रौंद्र रूप से सामना किया हैं, जिन्हें सुनकर तुम्हारी रूह कांप जाएगी— माइनस 11 डिग्री की हाड़ कंपा देने वाली ठंड से लेकर 45 डिग्री की चमड़ी जला देने वाली भयंकर गर्मी तक!
तुम, जो लग्जरी गाड़ियों और बाइकों के बिना दो कदम चलने से कतराते हो... तुम, जो घर की खिड़की से बाहर देखकर कहते हो 'आज धूप बहुत है, आज बारिश है, आज ठंड बहुत है बाहर नहीं जाऊंगा'... तुम्हारे इस खोखले आराम को कार्तिक के पैरों के छालों ने करारा जवाब दिया है! उसने मौसम को सिर्फ देखा नहीं, अपने जिस्म पर झेला है।
यह कोई मामूली दौड़ नहीं है, यह आज की सुस्त और कमजोर होती जा रही युवा पीढ़ी के मुंह पर एक तमाचा है और उन युवा पीढ़ी को सेल्यूट भी करती है जो मैदान में पसीना बहाती है युवा साथियों उठो जागो मैदान तुम्हारा इंतजार कर रहा है अगर हौसला फौलादी हो, तो रास्ते घुटने टेक देते हैं। 4200 किलोमीटर के इस महा-सफर (K2K) का अभी सिर्फ एक हिस्सा पूरा हुआ है, आगे चुनौतियाँ और भी खौफनाक हैं।
अगर रगों में थोड़ा भी खून बाकी है, और इस योद्धा का जज्बा तुम्हारी सोई हुई आत्मा को झकझोर पाया है... तो रील्स स्क्रॉल करना बंद करो।