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इंदौर की दिव्यांग बेटी के पास नहीं थे पैसे तो यू-ट्यूब से सीखा, जीता स्टार लाइन मिस इंडिया अवार्ड, मेजर ध्यानचंद के बेटे ने भी दी बधाई !!

इंदौर Published by: Paliwalwani Updated Fri, 13 Aug 2021 05:55 PM
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इंदौर की बेटी वर्षा डोंगरे (24) न बोल सकती है और न सुन सकती है, लेकिन उसने अपने पिता के सपने काे पूरा किया। स्टार लाइन मिस इंडिया का खिताब जीता है। वर्षा 1 हजार प्रतियोगियों को पछाड़ा। पिता चाहते कि वह मूक-बधिर कैटेगरी में नहीं बल्कि सामान्य प्रतिभागियों के बीच भाग लेकर अपना स्थान बनाए। इसके चलते उसने बहुत संघर्ष किया। आगरा में आयोजित कांटेस्ट में जाने के लिए पैसे तक नहीं थे, मां ने 60 हजार रुपए लेकर उसे भेजा।

वर्षा के पास रुपए नहीं थे तो उसने यू ट्यूब पर कई ‘इंटरनेशनल ब्यूटी क्वीन्स कांटेस्ट’ देखी। इसमें सुंदरियों के कॉस्टुम्स, हावभाव आदि को देखकर सीखा और स्टार ‘मिस इंडिया अवार्ड' जीतकर अपने पिता के सपने को पूरा का निश्चय किया। 

2018 में वह पहली बार ‘मिस मूक-बधिर इंडिया’ बनी थी। माता और बहन भी मूक-बधिर हैं। मां सिलाई-कढ़ाई का काम करती हैं। पिता बेटी की सुंदरता को देखकर उसे हमेशा कहते कि तुझे मॉडल बनना चाहिए। वे कहते थे कि सिर्फ मूक-बधिर में नहीं बल्कि सामान्य प्रतियोगियों में ‘मिस इंडिया’ बनो। इस पर उसने पिता के सपनों को पूरा करने का सोचा और तैयारियों में जुट गई। तीन साल पहले पिता का निधन हो गया, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और संघर्ष करती रही। इस दौरान उसकी सहेलियों ने भी उसे प्रोत्साहित किया।

आगरा में आयोजित ‘स्टार लाइन मिस इंडिया कांटेस्ट’ में उसके पास रुपए नहीं थे तो मां मीना ने लोगों से 60 हजार रुपए उधार लिए। वहां आर्गेनाइजर ने अपने मेकअप आर्टिस्ट रखे थे। उन लोगों ने उसे तैयार किया। इसके पूर्व वर्षा ने अपनी मेन कॉस्ट्यूम दिल्ली जाकर खरीदी। मां मीना के मुताबिक मैं बेटी को ऊंचाइयां पर देखना चाहती हूं। कई बार उसे डांटती हूं कि तुझे कमजोर नहीं पड़ना है, बल्कि सफलता का सफर तय करना है। वर्षा बीकॉम सेकंड ईयर की भी तैयारी कर रही है। परिवार पहले खण्डवा रहता था और अब इंदौर में ही है। वर्षा अब मिस यूनिवर्स की तैयारियों में जुट गई है।

गुरुवार को वर्षा को बधाइयां मिलने का सिलसिला जारी था। शाम को उसे पूर्व अंतरराष्ट्रीय एवं ओलंपियन अर्जुन अवार्डी अशोक कुमार ध्यानचंद ने वीडियो कॉल कर सांकेतिक भाषा में बधाई दी और हौंसला अफजाई की। उन्होंने साइन लैंग्वेज एक्सपर्ट आनंद पुरोहित को कहा कि वे ऐसी ही ‌वर्षा की मदद करते रहे और अपनी ओर से भी हरसंभव मदद देने की बात कही।

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