इंदौर. देश के उभरते कारोबारी और तकनीकी केंद्रों की सूची में इंदौर ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है. वैश्विक परामर्श कंपनी Deloitte India की ताजा रिपोर्ट “India’s Strategic GCC Play for Japanese Enterprises” में इंदौर (Indore) को भारत के अगले बड़े ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) ग्रोथ इंजन के रूप में चिन्हित किया गया है. रिपोर्ट में इंदौर को अहमदाबाद, जयपुर, कोयंबटूर और कोच्चि (Indore to Ahmedabad, Jaipur, Coimbatore and Kochi) जैसे तेजी से उभरते टियर-2 शहरों के साथ शामिल किया गया है.
रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिस्पर्धी परिचालन लागत, इंजीनियरों एवं STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) पेशेवरों की उपलब्धता, बेहतर जीवन गुणवत्ता तथा राज्य सरकारों की उद्योग-अनुकूल नीतियां इंदौर जैसे शहरों को बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए आकर्षक गंतव्य बना रही हैं.
विशेष रूप से जापानी (Japani) कंपनियां अब पारंपरिक महानगरों से आगे बढ़कर टियर-2 शहरों में अपने उच्च मूल्य वाले संचालन स्थापित करने पर जोर दे रही हैं. डेलॉयट के अनुमान के मुताबिक, वित्त वर्ष 2030 तक भारत का GCC क्षेत्र 470 से 600 अरब अमेरिकी डॉलर तक का आर्थिक प्रभाव उत्पन्न कर सकता है और 2 से 2.5 करोड़ उच्च कौशल आधारित रोजगार सृजित कर सकता है. ऐसे परिदृश्य में इंदौर के पास इस विकास यात्रा का महत्वपूर्ण भागीदार बनने का अवसर है.
रिपोर्ट बताती है कि भारत में 100 से अधिक जापानी GCC संचालित हो रहे हैं और जापान एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत के GCC इकोसिस्टम में सबसे बड़ा योगदानकर्ता बन चुका है. ये केंद्र अब केवल बैक-ऑफिस कार्यों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंजीनियरिंग, डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग, क्लाउड टेक्नोलॉजी, अनुसंधान एवं विकास (R&D) जैसे क्षेत्रों में नवाचार के प्रमुख केंद्र बनते जा रहे हैं.
विशेषज्ञों का मानना है कि आईटी, इंजीनियरिंग और प्रबंधन शिक्षा (IT, Engineering, and Management Education) के मजबूत आधार, विकसित हो रहे बुनियादी ढांचे और अपेक्षाकृत कम परिचालन लागत के कारण इंदौर आने वाले वर्षों में GCC निवेश का प्रमुख केंद्र बन सकता है. इससे न केवल स्थानीय युवाओं के लिए उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी.
गौरतलब है कि डेलॉयट की रिपोर्ट में इंदौर का उल्लेख भारत में GCC विस्तार की अगली लहर के प्रमुख शहरों में किया गया है, जो शहर की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता और तकनीकी क्षमता का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है.