भोपाल.
जनसुनवाई में लोग जहर खा रहे हैं, आत्मदाह कर रहे हैं। अवैध खनन करने वालों पर पुलिस-प्रशासन का खौफ नहीं है। ऐसे कैसे कोई भी व्यक्ति ट्रैक्टर या बाइक चढ़ा देने की हिम्मत कर सकता है? ये कैसा सुशासन है? कलेक्टर-एसपी की जिम्मेदारी है कि ऐसा करने वालों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्य सचिव के कड़े तेवर और बड़े सवाल
बैठक के दौरान मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कानून व्यवस्था और अवैध खनन पर लगाम लगाने में आ रही कोताही पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों से सीधे सवाल किया कि आखिर अवैध खनन करने वालों के मन में पुलिस और प्रशासन का खौफ क्यों नहीं है? कोई भी व्यक्ति इतना बेखौफ कैसे हो सकता है कि वह प्रशासनिक अमले या किसी पर भी ट्रैक्टर या बाइक चढ़ा देने की हिम्मत कर ले? उन्होंने हाल ही में सामने आई ऐसी हिंसक घटनाओं पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यह सीधे तौर पर कानून-व्यवस्था को चुनौती है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्य सचिव ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि मैदानी स्तर पर ऐसी घटनाओं को रोकना सीधे तौर पर कलेक्टर और एसपी की जिम्मेदारी है।उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि भविष्य में इस तरह की दुस्साहसिक घटनाएं दोबारा नहीं होनी चाहिए। अवैध खनन में लिप्त माफियाओं के खिलाफ बिना किसी ढिलाई के कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
प्रशासन और पुलिस का इकबाल ऐसा होना चाहिए कि अपराधियों और माफियाओं के मन में कानून का डर साफ दिखाई दे।इस बैठक के बाद माना जा रहा है कि प्रदेश में अवैध उत्खनन और परिवहन में शामिल तत्वों के खिलाफ आने वाले दिनों में एक बड़ा और सख्त अभियान देखने को मिल सकता है।