७ चक्र माला – दिव्य आराधना का प्रतीक

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  • ७ चक्र माला एक प्रकार की प्रार्थना माला है जो है जैन और आगम परंपराओं के अनुसार मानव शरीर में स्थित सात चक्रों का प्रतिनिधित्व करती है। इस माला की प्रत्येक माला या खंड सात चक्रों में से एक के साथ जुड़ा होता है, जो रीढ़ की हड्डी के साथ स्थित ऊर्जा केंद्र हैं।

1. मूलाधार चक्र (Muladhara Chakra)

स्थान: रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से में (गुदा के पास)

तत्व: पृथ्वी (Earth)

रंग: लाल

कार्य: अस्तित्व, सुरक्षा, स्थिरता और जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं से जुड़ा है।

2. स्वाधिष्ठान चक्र (Swadhisthana Chakra)

स्थान: नाभि के नीचे, जननांग क्षेत्र में

तत्व: जल (Water)

रंग: नारंगी

कार्य: कामुकता, रचनात्मकता, और भावनाओं से जुड़ा है।

3. मणिपुर चक्र (Manipura Chakra)

स्थान: नाभि के पास (सौर जाल क्षेत्र)

तत्व: अग्नि (Fire)

रंग: पीला

कार्य: आत्मबल, आत्मविश्वास, शक्ति और इच्छाशक्ति का केंद्र।

4. अनाहत चक्र (Anahata Chakra)

स्थान: ह्रदय के पास (सीने के बीच में)

तत्व: वायु (Air)

रंग: हरा

कार्य: प्रेम, करुणा, दया और रिश्तों से जुड़ा हुआ।

5. विशुद्धि चक्र (Vishuddha Chakra)

स्थान: गले में

तत्व: आकाश (Ether/Space)

रंग: नीला

कार्य: संप्रेषण, अभिव्यक्ति और सच्चाई से संबंधित।

6. आज्ञा चक्र (Ajna Chakra)

स्थान: दोनों भौहों के बीच (तीसरी आँख का स्थान)

तत्व: मन/प्रकाश (Light)

रंग: इंडिगो (गहरा नीला/नीलापन)

कार्य: अंतर्ज्ञान, बुद्धि, और मानसिक स्पष्टता।

7. सहस्रार चक्र (Sahasrara Chakra)

स्थान: सिर के ऊपर (मस्तक के शीर्ष पर)

तत्व: ब्रह्मांडीय ऊर्जा / चेतना

रंग: बैंगनी या सफेद

कार्य : आध्यात्मिक जुड़ाव, ब्रह्मज्ञान और आत्मज्ञान का केंद्र।                                                                                                                                              तो यह दिव्य सात चक्र माला को बुक करने के लिए 8849385119  यह नंबर पर व्हाट्सएप मैसेज करिए।

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8401564646, 9426037050

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