आदमी तो हूँ
तीखा नाक रो हूँ,
चिपड़ी आँख रो हूँ,
आदमी तो हूँ।
लांबा कान रो हूँ,
काळी जबान रो हूँ,
आदमी तो हूँ।
वाँका मुंडा रो हूँ,
मोटा टुंडा रो हूँ,
आदमी तो हूँ।
मोटा माथा रो हूँ,
छीदा दाँता रो हूँ,
आदमी तो हूँ।
बैठ्यां गाबड़ा रो हूँ,
हूज्यां थौबड़ा रो हूँ,
आदमी तो हूँ।
बैठी छाती रो हूँ,
कसी भी जाति रो हूँ,
आदमी तो हूँ।
राजन आप रूपाळा हो,
नौ री तेरा क ई करी लेवों,
मर्या केड़े मसाणा मा,
म्हारे भड़ेईस आई न होवों।
म्हारे भड़ेईस आई न होवों।।
राजेन्द्र सनाढ्य राजन
वाइस प्रिंसिपल
रा उ मा वि नमाना
नि- कोठारिया जि-राजसमंद
( राजस्थान)
रचणां नं- 4438