आमेट. क्षेत्र के ढेलाणा में राजस्थान सरकार के आदेशानुसार विद्यालय स्तर पर जल पखवाड़ा का व्यापक आयोजन कर जल संरक्षण के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। “जल है तो जीवन है, जल है तो कल है” के संदेश के साथ आयोजित इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों और अभिभावकों में जागरूकता का संचार किया।
कार्यक्रम के तहत प्रत्येक विद्यालय में एसएमसी, एसडीएमसी तथा पीटीएम की बैठक आयोजित कर जल संरक्षण पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान जल के महत्व को समझाने और इसके संरक्षण के उपायों को अपनाने पर जोर दिया गया। 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक चले इस जल पखवाड़ा में विद्यालय स्तर पर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनमें चित्रकला प्रतियोगिता, वाद-विवाद प्रतियोगिता, निबंध प्रतियोगिता और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता शामिल रही। साथ ही प्रतिदिन प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई।
जल पखवाड़ा कार्यक्रम की अध्यक्षता कार्यवाहक प्रधानाचार्य संजू शर्मा ने की। कार्यक्रम में एसएमसी अध्यक्ष प्यारेलाल कुमावत, एसडीएमसी सचिव विजय सिंह तथा पीटीएम सहसंयोजक गजराज सिंह चारण की गरिमामय उपस्थिति रही। इसके अतिरिक्त राजू पावण्डा, चुन्नीलाल रेगर, मुकेश कुमार गुगड और मनोज कुमार शर्मा भी उपस्थित रहे।
जल पखवाड़ा संयोजक मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि जल स्रोतों की सुरक्षा करना, हर घर तक जल संरक्षण का संदेश पहुंचाना, अधिक से अधिक पेड़ लगाने का संकल्प लेना, पानी की बर्बादी रोकना तथा हर बूंद का विवेकपूर्ण उपयोग करना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य रहा। प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
चित्रकला प्रतियोगिता में चेतना वैरागी ने प्रथम, मंजू कुमावत ने द्वितीय और सरिता रेगर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में भावना कुमावत प्रथम, अनमोल कंवर द्वितीय और पुनम वसिटा तृतीय रही। वाद-विवाद प्रतियोगिता में कृष्णा कुमावत ने प्रथम, ममता कुमावत ने द्वितीय और पूजा गुर्जर ने तृतीय स्थान हासिल किया।
निबंध प्रतियोगिता में योगेश सुथार प्रथम, लीला सालवी द्वितीय और निलेश बुनकर तृतीय रहे। प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को विजय सिंह वरिष्ठ अध्यापक, गजराज सिंह चारण, मुकेश कुमार गूगड और राजू पावण्डा द्वारा ऊपरना ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन शारीरिक शिक्षक मनोज कुमार शर्मा ने किया। इस संबंध में जानकारी विद्यालय प्रथम सहायक विजय सिंह ने दी। जल पखवाड़ा के इस आयोजन ने न केवल विद्यार्थियों बल्कि पूरे समुदाय को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे भविष्य में जल संकट से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की दिशा मजबूत हुई।
M. Ajnabee, Kishan paliwal