अहमदाबाद.
बैंकों में लोग पैसा जमा करते हैं, ये सोचकर कि वहां उनका पैसा सुरक्षित रहेगा. लेकिन तब क्या हो जब, बैंक का खजाना ही लुट जाए. वह भी कोई छोटे-मोटे बैंक का नहीं, बल्कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) का. कुछ ऐसा ही मामला गुजरात के अहमदाबाद से आया है, जहां RBI के खजाने में ही चोरी हो गई. यह चोरी बैंक ऑफ बड़ौदा की एक ब्रांच में मौजूद RBI के खजाने से हुई है.
इसी बैंक के कर्मचारी ने 8.70 करोड़ की चोरी को वारदात को अंजाम दिया. 13 जनवरी को वह 2 मजदूरों के साथ सफाई के लिए RBI खजाने में गया और वहां से कचरे के बॉक्स में करोड़ों के नोट भरकर बैंक से निकल गया. अहमदाबाद के कालूपुर इलाके में स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के आरबीआई करेंसी चेस्ट से 8.70 करोड़ रुपये की हेराफेरी करने वाले जॉइंट कस्टोडियन हरसिद्ध कडियार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.
जांच में सामने आया है कि आरोपी ने चोरी के पैसों से अहमदाबाद के चांदखेड़ा इलाके में 2 करोड़ रुपये से अधिक का बंगला और 1.40 करोड़ रुपये की दुकान खरीदी थी. पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 2.20 करोड़ रुपये नकद भी बरामद किए हैं. आरोपी की पत्नी रेलवे पुलिस में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात है.
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब कालूपुर ब्रांच के मुख्य प्रबंधक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में बताया गया कि बैंक में आरबीआई का करेंसी चेस्ट संचालित होता है, जहां से जरूरत के अनुसार अन्य बैंकों को नकदी भेजी जाती है. उस समय संजय शर्मा मुख्य कस्टोडियन और हरसिद्ध कडियार संयुक्त कस्टोडियन के रूप में कार्यरत थे. ऑडिट और नए कस्टोडियनों द्वारा की गई जांच में 500 रुपये के नोटों के 174 बंडल कम पाए गए, जिनकी कुल कीमत 8.70 करोड़ रुपये थी.
इसके बाद बैंक अधिकारियों ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की. फुटेज में 13 जनवरी को हरसिद्ध कडियार कुछ बक्से बैंक से बाहर ले जाते दिखाई दिया. उसने कर्मचारियों से कहा था कि बक्सों में कचरा है और वह उसे फेंकने जा रहा है. पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने जनवरी में ही चोरी को अंजाम दिया था और उसे भरोसा था कि 90 दिन बाद सीसीटीवी फुटेज डिलीट हो जाएगी. इसी वजह से वह चोरी के बाद भी करीब 3 महीने तक नियमित रूप से नौकरी करता रहा.