Amet News : हजरत दीवाना शाह साहब के यौमे विलादत पर परचमकुशाई की रस्म अदा, 85वें उर्स की तैयारियों का आगाज
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अलम पेश होने के साथ ही 85वें उर्स की तैयारियां शुरू हो गईं...,
M. Ajnabee, Kishan paliwal
कपासन/आमेट.
प्रख्यात सूफी संत हजरत दीवाना शाह साहब र.अ. के यौमे विलादत के अवसर पर शनिवार को हर्षोल्लास और जोश-ओ-खरोश के साथ परचमकुशाई (झंडा) चढ़ाने की रस्म अदा की गई।
इस अवसर पर भीलवाड़ा का छीपा परिवार अलम लेकर दरगाह शरीफ पहुंचा और धार्मिक परंपराओं के अनुरूप कार्यक्रम संपन्न हुआ। दरगाह ऑफिस सेक्रेट्री शफी मोहम्मद छीपा ने बताया कि शनिवार 25 मोहर्रम को भीलवाड़ा के छीपा दाऊद सेठ, हाजरा बाई तथा मरहूम दरगाह सदर निसार अहमद छीपा के खानदान के 50 सदस्यीय दल ने बाद नमाज-ए-जोहर आस्ताना-ए-आलिया में अलम पेश किया।
यहां हम्द, नात शरीफ, मनकबत, सलातो-सलाम और फातिहा ख्वानी के बाद कव्वाल हजरात ने अपने कलाम पेश किए। इसके बाद बुलंद दरवाजा तक अलम ले जाया गया, जहां से आशिक-ए-दीवाना अलम लेकर बाबा हुजूर की मोमीन मोहल्ला स्थित कुटिया पहुंचे और वहां अलम पेश किया। कुटिया से अलम शरीफ का जुलूस हुसैनी बैंड के साथ कलंदरी मस्जिद और बस स्टैंड होते हुए दरगाह शरीफ पहुंचा।
बुलंद दरवाजा पर जायरीन-ए-दीवाना ने नारों के साथ जुलूस का इस्तकबाल किया। बाद नमाज असर आस्ताना-ए-आलिया के पश्चिमी कोने तथा बुलंद दरवाजा पर अलम पेश करने की रस्म अदा की गई।
इस अवसर पर बोर्ड ऑफ मुस्लिम वक्फ राजस्थान, जयपुर के पूर्व सीईओ अमानुल्लाह खां, वक्फ बोर्ड प्रतिनिधि मोहसिन गौड़ सहित गुजरात, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और राजस्थान के विभिन्न जिलों से बाबा हुजूर के चाहने वाले हजारों जायरीन मौजूद रहे। गुलामाने दीवाना की जानिब से अहमद कबीर मंजिल में आम नियाज का आयोजन किया गया।
लोगों ने शर्बत पिलाकर, मिठाइयां बांटकर और केक काटकर बाबा हुजूर का जन्मदिन मनाया। सुबह से ही अहाता-ए-नूर में महफिले मिलाद का आयोजन हुआ, जहां कव्वाल हजरात ने यौमे विलादत पर अपने कलाम पेश किए। आस्ताना-ए-आलिया में फूल, इत्र और बुक्का पेश कर अकीदतमंदों ने बाबा हुजूर को जन्मदिन की मुबारकबाद दी।
वहीं प्रातः 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक दीवाना शाह माध्यमिक विद्यालय और मदरसा दीवाना शाह के छात्र-छात्राओं ने अहमद कबीर मंजिल में हम्द, नात, मनकबत तथा बाबा हुजूर की जीवनी प्रस्तुत की। अलम पेश करने की रस्म के साथ ही 85वें उर्स की चहल-पहल भी शुरू हो गई। इन्शाअल्लाह 21 जुलाई से 23 जुलाई तक 6 सफर से 8 सफर के दौरान उर्स आयोजित होगा, जिसका समापन 23 जुलाई, गुरुवार को जोहर की अजान से पहले कुल की फातिहा के साथ किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान “मैं रफ्ता-रफ्ता इतना बदल जाऊं तेरी मोहब्बत में, कि मेरी शक्ल हम शबीहे यार हो जाए” की तर्ज का भी उल्लेख किया गया। बताया गया कि अजमेर स्थित हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन अजमेरी र.अ. की दरगाह शरीफ पर जमादिल आखिर की 25 तारीख को भीलवाड़ा का गौरी परिवार अलम लेकर पेश करता है। इसी परंपरा के अनुरूप कपासन में भी मोहर्रम की 25 तारीख को भीलवाड़ा का छीपा परिवार अलम लाकर पेश करता है।
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हजरत गुलाब शाह बाबा के 28वें उर्स की तैयारियां तेज, लंगर, कव्वाली और सुरक्षा व्यवस्था की बनी विस्तृत रूपरेखा
आमेट में हजरत गुलाब शाह बाबा के 28वें वार्षिक उर्स की तैयारियां तेज हो गई हैं। बैठक में लंगर, कव्वाली, सुरक्षा और जायरीनों की व्यवस्थाओं पर बनी विस्तृत रूपरेखा
नगर के चंद्रभागा नदी तट स्थित प्रसिद्ध हजरत पीर सैय्यद शहीद गुलाब शाह बाबा के आस्ताना पर इस वर्ष 28वां वार्षिक उर्स श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया जाएगा। इसी को लेकर गुरुवार सायंकाल दरगाह परिसर में दरगाह कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता कमेटी सदर सद्दीक मोहम्मद मंसूरी ने की, जिसमें उर्स आयोजन की तैयारियों और व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कमेटी सूत्रों के अनुसार उर्स सफर माह की 13 और 14 तारीख को दो दिवसीय कार्यक्रम के रूप में आयोजित किया जाएगा।
बैठक में दूर-दराज से आने वाले जायरीनों के ठहरने, पेयजल, सफाई व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों को लेकर विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई। इसके साथ ही चंद्रभागा नदी तट से दरगाह तक आने-जाने वाले मार्गों को सुगम बनाने, ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त रखने और स्वयंसेवकों की ड्यूटी लगाने पर भी सहमति बनी।
बैठक में उर्स की रौनक बढ़ाने के लिए कव्वाली महफिल, टेंट, लाइट और पूरे दरगाह परिसर की भव्य सजावट से जुड़े निर्णय भी लिए गए। प्रसिद्ध कव्वालों को आमंत्रित करने तथा चादरपोशी के कार्यक्रम को विधिवत संपन्न कराने की जिम्मेदारी अलग-अलग कमेटियों को सौंपी गई, ताकि आयोजन सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके। हर वर्ष की तरह इस बार भी लंगर ग्रुप की ओर से जायरीन हजरात के लिए भोजन का माकूल इंतजाम रहेगा।
बैठक में लंगर ग्रुप के संचालकों से अनुरोध किया गया कि लंगर में आने वाले सभी जायरीनों के लिए समय पर भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। आमेट और आसपास के क्षेत्र में हजरत गुलाब शाह बाबा का उर्स आपसी भाईचारे, अमन और गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक माना जाता है, जहां हर वर्ष हजारों जायरीन हाजरी लगाने पहुंचते हैं। बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि प्रशासन के सहयोग से इस बार उर्स को और अधिक व्यवस्थित तथा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के प्रयास किए जाएंगे। बैठक में कमेटी पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।
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चुप हूँ सब जानता मगर हूँ मैं...ये न समझो कि बे-ख़बर हूँ मैं...!
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