📖 चौघड़िया के 7 प्रकार एवं उनका फल
सर्वोत्तम मुहूर्त — सभी प्रकार के नवीन कार्यों, गृह प्रवेश व यात्रा हेतु अत्यंत शुभ।
अति शुभ मुहूर्त — धार्मिक अनुष्ठान, विवाह, पूजा व मांगलिक कार्यों हेतु सर्वश्रेष्ठ।
धन लाभ मुहूर्त — व्यापार प्रारंभ, दुकान खोलना, नवीन सौदे व निवेश हेतु श्रेष्ठ।
गतिशील मुहूर्त — यात्रा, वाहन क्रय व स्थानांतरण कार्यों हेतु शुभ फलदायी।
अशुभ मुहूर्त — सरकारी कार्यों को छोड़कर अन्य किसी भी शुभ कार्य हेतु त्याज्य।
अशुभ मुहूर्त — इस समय में किया गया कार्य हानिप्रद हो सकता है, शुभ कार्य न करें।
अशुभ मुहूर्त — रोग व कष्ट कारक समय, कोई भी नया अथवा महत्वपूर्ण कार्य न करें।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs) - चौघड़िया मुहूर्त
Ans. अमृत (सर्वश्रेष्ठ), शुभ (उत्तम), लाभ (व्यापार व धन लाभ) तथा चर (यात्रा व गतिशीलता) अत्यंत शुभ और फलदायी चौघड़िया माने जाते हैं।
Ans. रोग (हानि व बाधा), उद्वेग (चिंता व अशांति) तथा काल (अशुभ) चौघड़िया में मांगलिक कार्य या नई यात्रा आरंभ करने से बचना चाहिए।
Ans. 24 घंटे में कुल 16 चौघड़िया होते हैं - 8 दिन के चौघड़िया (सूर्योदय से सूर्यास्त) और 8 रात के चौघड़िया (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक)। प्रत्येक चौघड़िया लगभग 1 घंटा 30 मिनट का होता है।
अस्वीकरण: चौघड़िया मुहूर्त की यह गणना पारंपरिक वैदिक पंचांग और उज्जैन वेधशाला की सूर्योदय-सूर्यास्त पद्धति पर आधारित है। स्थानीय देशांतर के अनुसार कुछ मिनटों का अंतर संभव है।