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दिल्ली

प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ कोई FIR दर्ज नहीं होगी : लेकिन 2700 अपराधियों पर कायम रहेगी FIR

📅 04 August 2026, 12:49 AM ✍️ paliwalwani ⏱️ 4 मिनट में पढ़ें
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प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ कोई FIR दर्ज नहीं होगी : लेकिन 2700 अपराधियों पर कायम रहेगी FIR
प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ कोई FIR दर्ज नहीं होगी : लेकिन 2700 अपराधियों पर कायम रहेगी FIR

नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को भरोसा दिलाया है कि NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। सोमवार को सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सरकार अपने वादे पर कायम है और प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ कोई FIR दर्ज नहीं होगी। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान गंभीर अपराधों के आरोप में दर्ज 2,700 से अधिक FIR वापस नहीं ली जाएंगी।

सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर ने प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने का मुद्दा उठाया। इस पर तुषार मेहता ने कहा कि कानूनी प्रक्रिया के अनुसार सरकार अपना वादा पूरा करेगी।

वहीं, चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि यदि किसी पुलिस अधिकारी ने जरूरत से अधिक बल प्रयोग किया है, तो उसे संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि छात्र आंदोलन की आड़ में किसी गंभीर अपराधी को बचाने की कोशिश भी स्वीकार नहीं की जाएगी। छात्रों पर पुलिस कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, CJI बोले- ‘न पुलिस की ज्यादती चलेगी, न उपद्रवियों को राहत मिलेगी.

परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और NEET पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर 36 दिनों तक प्रदर्शन किया। संगठन की तीन प्रमुख मांगों में से एक यह थी कि प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई न हो। सरकार द्वारा इस मांग को स्वीकार किए जाने के बाद, 25 जुलाई को केंद्रीय  शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने दिए थे अहम निर्देश

28 जुलाई की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई से रोकते हुए कहा था कि 18 वर्ष से कम उम्र के ऐसे लोगों को रिहा किया जाए जिनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। अदालत ने महाराष्ट्र, बिहार, असम, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और केरल सरकारों को नोटिस जारी कर डिजिटल साक्ष्यों—जैसे CCTV फुटेज, ड्रोन रिकॉर्डिंग, बॉडी कैमरा फुटेज, PCR लॉग और वायरलेस रिकॉर्ड—को सुरक्षित रखने का निर्देश भी दिया था। इस मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी, जिसमें केंद्र सरकार के आश्वासन और राज्यों की ओर से उठाए गए कदमों की समीक्षा की जाएगी।

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