चीफ ब्यूरो किशन पालीवाल ✍️
राजसमंद. अखिल भारतीय मेवाड़ पालीवाल समाज 44 श्रेणी संस्था की एक महत्वपूर्ण प्रतिनिधि सभा की बैठक लक्ष्मीनारायण परिसर (आरटीओ ऑफिस के पास, सुंदरचा) में आयोजित की गई.
अखिल भारतीय पालीवाल समाज 44 श्रेणी मीडिया प्रभारी किशन पालीवाल (आमेट) ने बताया कि बैठक की अध्यक्षता पालीवाल समाज 44 श्रेणी के अध्यक्ष शंकर लाल पुरोहित (बड़ा भाणुजा) व उपाध्यक्ष लहरी लाल दवे (बामन टुकड़ा) व महामंत्री सेवाराम बागोरा (सुंदरचा ) के सानिध्य में बैठक प्रारंभ हुई.
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्री चारभुजा नाथ की छवि पर माल्यार्पण कर दीपक प्रज्वलित किया. गायत्री मंत्रोउचार के साथ के बैठक प्रारंभ की गई. इस बैठक में मेवाड़ क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी, मार्गदर्शक मंडल के सदस्य, संरक्षक मंडल, केंद्रीय कार्यकारिणी के प्रतिनिधि तथा चौखला राजसमंद, आमेट, बागोल, उथनोल, कदमाल चौखला समितियों एवं इकाइयों के अध्यक्षों ने सक्रिय रूप से भाग लिया.
बैठक में पालीवाल समाज के अध्यक्ष शंकरलाल पुरोहित ने अपने संबोधन में कहा कि पालीवाल समाज की एकता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है. उन्होंने सभी सदस्यों से आह्वान किया कि वे संगठन के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए सक्रिय भागीदारी निभाएं और समाज के विकास में अपना योगदान दें.
संस्था के महामंत्री सेवाराम बागोरा और उपाध्यक्ष लहरी लाल दवे ने संगठन की कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के लिए ग्राम इकाइयों और प्रतिनिधियों से सुझाव मांगे. बैठक के दौरान विभिन्न प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं और आवश्यकताओं को सामने रखा.
वक्ताओं ने जोर देते हुए कहा कि समाज का भविष्य युवा पीढ़ी पर निर्भर है, इसलिए उन्हें संगठन की गतिविधियों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है. इसके लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग, करियर मार्गदर्शन और नेतृत्व विकास जैसे सुझाव दिए गए. कार्यक्रम का संचालन चंद्रशेखर बागोरा (सुंदरचा) द्वारा किया गया.
निर्णय लिया गया कि समाज के मेधावी विद्यार्थियों और प्रतिभाशाली युवाओं को सम्मानित किया जाएगा ताकि नई पीढ़ी को प्रेरणा मिल सके. चारभुजा धर्मशाला और आवरी माता मंदिर के विकास हेतु भामाशाहों के सहयोग से कार्य करने पर चर्चा हुई. इसके साथ ही संगठन के वर्तमान कार्यों की समीक्षा की गई और बदलती चुनौतियों के लिए तैयार रहने का आह्वान किया गया.