टोंक. अखिल भारतीय ज्योतिष संस्था संघ (पं.) नई दिल्ली एवं भारतीय ज्योतिष विज्ञान एवं वैदिक खगोल शास्त्र संस्था जयपुर के संयुक्त तत्वाधान में मनु ज्योतिष एवं वास्तु शोध संस्थान टोंक द्वारा कुमारी मनु की 31 वीं पुण्यतिथि पर 23 वां अखिल भारतीय ज्योतिष महासम्मेलन का शुभारंभ दीप प्रज्जवलित कर जानकी बाई गेस्ट हाऊस में किया गया।
इस मौके पर मनु ज्योतिष एवं वास्तु शोध संस्थान टोंक के निदेशक बाबूलाल शास्त्री ने पालीवाल वाणी को बताया कि सम्मेलन का शुभारंभ मंचासीन विद्ववानों का सम्मान संस्था निदेशक बाबूलाल शास्त्री, एड. बसंती लाल चौधरी, डॉ. पवन सागर, डॉ. बालकिशन शर्मा, पं. ओम प्रकाश राजोरा, आचार्य राधा साहू, पं. ओम प्रकाश राजोरा, पं. स्वरूप नारायण गंगवारिया, वास्तुविद् पं. राजेश शर्मा, पं. जगदीश नारायण शास्त्री, कन्हैया लाल नामा, पं. मदन लाल शर्मा एवं संस्था पदाधिकारियों द्वारा माला, दुपट्टा पहनाकर एवं साफे बंधवाकर स्वागत गया।
सम्मेलन के मुख्य अतिथि डॉ. ओम प्रकाश शर्मा, अध्यक्ष ज्योतिष विभाग मेवाड़ विश्वविद्यालय गंगरार चित्तौडग़ढ़, अध्यक्षता बाबूलाल शर्मा निदेशक सैंट सोल्जर स्कूल शिक्षा समिति टोंक, विशिष्ठ अतिथि सरपंच संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष हंसराज फागणा, रोहिताश कुमावत, सुनील अग्रवाल बूंदी, पं. विष्णु शर्मा, रमेश गुरू कुमावत, कुलदीप शर्मा, नरेन्द्र सन्तानी, पं. देवकी नन्दन शर्मा जयपुर, दुर्गालाल नामा मालपुरा, श्रीप्रकाश पाठक, राष्ट्रीय कवि प्रदीप पंवार, डॉ. प्रदीप गहलोत, पं. हनुमान प्रसाद बोहरा, हरवंश लाल शर्मा अध्यक्ष सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ टोंक, रमेश चौधरी सेवानिवृत्त तहसीलदार, हनुमान सिंह खरेड़ा, रेल लाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष अकबर खान, सुभाष सोनी, वरिष्ठ पत्रकार रामपाल राकेट, रामचरण साहू एवं सूरजमल साहू रहे। संस्था द्वारा बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया।
सिकोई डिकोन संस्था टोंक के परियोजना समन्वयक देवेन्द्र जांगीड़ एवं डॉ. पवन सागर द्वारा सभी विद्धानों को बाल विवाह नहीं कराने का संकल्प दिलाया एवं प्रतिबंध अधिनियम के साहित्य जागरूकता पोस्टर फोल्डर का सभी को वितरण किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए डॉ. ओम प्रकाश शर्मा ने अपने व्याख्यान में बताया कि गुण मिलान कुंडली मिलान में गृह मैथी एवं शुक्र ग्रह का शुभ भाव में होना आवश्यक है।
दाम्पत्य जीवन में सूर्य शनि राहू मंगल विच्छेन्दी ग्रह है, जिनके द्वारा अशुभ प्रभाव देने पर इनका दोष निवारण आवश्यक है। शरीर में होने वाले लोगों पर ग्रहों का प्रभाव एवं उनके निवारण के लिए जानकारियां दी। संस्था निदेशक बाबूलाल शास्त्री द्वारा ज्योतिष को जीवन का बोध कराने वाला विज्ञान बताया, जो भविष्य का दर्पण है। कुंडली विशलेषण द्वारा जीवन में आने वाले अवरोधों का समाधान करने पर बल दिया।
टोंक चैप्टर अध्यक्ष बसन्ती लाल चौधरी द्वारा संस्था की गतिविधियों की जानकारियां दी। संस्था निदेशक बाबूलाल शास्त्री द्वारा सभी विद्धानों एवं अतिथियों का आभार व्यक्त किया। सभी विद्धानों को सम्मान पत्र फ्यूचर पंचाग कलेण्डर 2026 डॉ. टीना जैन द्वारा लिखित पुस्तक वास्तु दर्पण वितरण की गई।
सम्मेलन में ध्यान योग विशेसक डॉ. रानी तंवर, राकेश सोनी, डॉ. विवेक खंगार, तुलसीराम सोनी, पं. रामकिशन शर्मा पलाई, पं. गणेश शर्मा,पं. शंकर शास्त्री, एड. हर्षिता जैन, किरण शर्मा, पं. श्योनारायण बिचपुड़ी, दशरथ किशोर शर्मा, सीताराम साहू, रामअवतार चौहान, राजेश चौहान, कन्हैया लाल चन्देल, पं. महेन्द्र गौत्तम, पं. राधेश्याम पाराशर, सत्यनारायण नामा, गोपाल साहू, सत्यनारायण साहू, कन्हैया लाल टिक्कीवाल, पं. महेन्द्र गौत्तम, पं. घनश्याम पाराशर, सागर मल साहू, पं. लोकेश शास्त्री, पं. कृष्णा दाधीच, राजेन्द्र कुमार, पं. निर्देश शर्मा, उम्मेद सिंह सोलंकी, देवेन्द्र महावर, अंशुल साहू, राजेश सोनी, श्याम साहू एवं नितीन शर्मा आदि मौजूद थे।