पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत, मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद और बेंगलुरु समेत कई शहरों को अब एच आर ए छूट के दायरे में रखा जाएगा. इन शहरों में रहने वाले व्यक्ति अपने वेतन के 50 प्रतिशत तक HRA छूट क्लेम कर सकते हैं जबकि अन्य स्थानों पर रहने वाले लोग 40 प्रतिशत तक ही क्लेम कर पाएंगे, वहीं नई टैक्स रिजीम के तहत HRA छूट उपलब्ध नहीं है.
2 कंपनी की कार या किराए पर ली गई कार पर खर्च का क्लेम पर
1.6 लीटर तक की इंजन क्षमता: ₹5,000 प्रति माह + ₹3,000 ड्राइवर के लिए
1.6 लीटर से अधिक इंजन क्षमता: 7,000 रुपये प्रति माह + ड्राइवर के लिए 3,000 रुपये
5. गिफ्ट और वाउचर
3 अगर किसी फाइनेंशियल ईयर के दौरान इनकी कुल वैल्यू 15,000 रुपये से अधिक हो जाती है, तो ये टैक्सेबल इनकम हो जाते हैं.
4 बच्चों की शिक्षा और अन्य भत्ते
संशोधित नियम के तहत बच्चों के खर्चों से जुड़े भत्तों में बड़ी बढ़ोतरी की गई है. बच्चों का एजुकेशन अलाउंस 100 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये प्रति माह हर बच्चा कर दिया गया है, जो अधिकतम दो बच्चों के लिए लागू रहेगा. इसी तरह हॉस्टल खर्च अलाउंस 300 रुपये से बढ़ाकर 9000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है.
5 मकान किराया भत्ता (HRA): मकान मालिक का नाम, पता और पैन नंबर , जहां वर्ष के दौरान भुगतान किया गया कुल किराया 1,00,000 रुपये से अधिक हो, साथ ही मकान मालिक के साथ किसी भी प्रकार के संबंध का खुलासा.
अवकाश यात्रा रियायत (LTC/LTA): वास्तविक यात्रा खर्च का प्रमाण.
6 मकान संपत्ति से आय से ब्याज कटौती: लोन प्रोवाइडर का नाम, पता और पैन नंबर.