नाथद्वारा.
नाथद्वारा के मोती महल में युवाचार्य विशाल बावा के जन्मदिवस पर आध्यात्मिक का सफल आयोजन संपन्न हुआ, जिसमें पालीवाल ब्राह्मण समाज 24 श्रेणी नाथद्वारा के पूर्व अध्यक्ष एवं अंतरराष्ट्रीय कवि गिरीश पालीवाल (विद्रोही) द्वारा रचित भजन “जागे जागे नन्दलाल” की शानदार डिजिटल प्रस्तुति दी गई.
भजन में श्रीकृष्ण की लीलाओं, पुष्टिमार्ग और वल्लभ कुल की महिमा का सजीव व अलौकिक चित्रण किया गया. नाथद्वारा पुष्टिमार्ग की प्रधान पीठ के युवाचार्य विशाल बावा के जन्मदिवस के अवसर पर मुंबई स्थित मोती महल में एक भव्य और आध्यात्मिक गरिमा से परिपूर्ण आयोजन संपन्न हुआ. इस विशेष अवसर पर नाथद्वारा के राष्ट्रीय कवि गिरीश पालीवाल ‘विद्रोही’ द्वारा रचित और स्वरबद्ध भजन “जागे जागे नन्दलाल नन्दलाल” की डिजिटल प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया.
आयोजन के प्रारंभ में युवाचार्य विशाल बावा ने अपने संदेश में कवि गिरीश पालीवाल ‘विद्रोही’ के सृजन की सराहना करते हुए कहा कि यह भजन मात्र एक गीत नहीं, बल्कि प्रभु श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का सजीव चित्रण हैं. उन्होंने कहा कि गीत में आनंद, रस और प्रेम का ऐसा मधुर प्रवाह है, जो श्रोता को आध्यात्मिक अनुभूति के उच्च शिखर तक ले जाता है.
कृष्ण दर्शन, राग-भोग की परंपरा और वल्लभ कुल की महिमा का अलौकिक गुणगान इस रचना को विशिष्ट बनाता है, भजन की डिजिटल प्रस्तुति में डॉ. विनीत पालीवाल, रिकॉर्ड संगीत में अलंकार सुधीर राठोड़, वीडियो निर्माण में गिरिराज चारण सहित भरत पालीवाल, कैलाश पालीवाल, भारत भूषण व्यास, सुधाकर शास्त्री, लीलाधर पालीवाल और अनिल सनाढ्य का महत्वपूर्ण अतुल्यनीय योगदान रहा.
आयोजन में मंदिर मंडल के पदाधिकारी, सेवा प्रमुख, ब्रजवासी गण, मीडिया प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे. मोती महल में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल युवाचार्य विशाल बावा के जन्मदिवस का स्मरणीय उत्सव बना, बल्कि पुष्टिमार्गीय परंपरा, भक्ति संगीत और कृष्ण भक्ति की सांस्कृतिक धरोहर को डिजिटल माध्यम से जन-जन तक पहुँचाने का सशक्त उदाहरण भी सिद्ध हुआ. यह आयोजन भक्ति, कला और आध्यात्मिक चेतना के संगम के रूप में लंबे समय तक स्मरण किया जाएगा.