जबलपुर. राजगढ़ निवासी, गौतमी धनगढ, उच्च माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण हैं, उनके द्वारा उच्च माध्यमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2023 में भाग लिया गया था. उच्च माध्यमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2023 में गौतमी धनगढ को 83.15 अंक मिले, परंतु मेरिट सूची में स्थान नहीं मिला, उन्हें वेटिंग लिस्ट में रखा गया.
उल्लेखनीय है कि भिन्न भिन्न कारणों से 457 पद रिक्त रह गए थे. उपरोक्त पदों पर, प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थी को नियुक्ति प्रदान की जानी थी. अभ्यावेदन आयुक्त, लोक शिक्षण को देने के बाद भी, कोई कार्यवाही नहीं होने पर, उनके द्वारा उच्च न्यायालय जबलपुर ने रिट याचिका की गई थी.
गौतमी धनगढ की ओर से उच्च न्यायालय जबलपुर में पैरवी करते हुए, उच्च न्यायालय जबलपुर के वकील श्री अमित चतुर्वेदी ने उच्च न्यायालय को बताया कि बिना किसी वैध के कारण, पद रिक्त होने के बाद एवं याचिकाकर्ता के द्वारा चयन परीक्षा पास होने के बाद भी नियुक्ति से वंचित किया जाना, राज्य शासन के मनमाने रवैए जो दिखाता हैं.
महज़ मनमानी के आधार पर पद खाली नहीं छोड़े जा सकते, वरना यह अनुच्छेद 14 का उल्लंघन होगा. सुनवाई के बाद, उच्च न्यायालय जबलपुर की एकल पीठ ने स्कूल शिक्षा विभाग, प्रमुख सचिव, आयुक्त लोक शिक्षण, भोपाल, सहित कर्मचारी चयन बोर्ड को तलब किया हैं. कोर्ट द्वारा, अंतरिम राहत प्रदान करते हुए कहा है कि याचिका के विचाराधीन रहने के दौरान, यदि प्रतीक्षा सूची के पद भर लिए जाते हैं तब भी, याचिकाकर्ता के उच्च माध्यमिक शिक्षक के पद पर, नियुक्ति का क्लेम एवं दावा जीवित रहेगा. कोर्ट का निर्णय के अधीन ही अन्य व्यक्तियों की नियुक्तियां रहेंगी.
उक्त नियुक्ति प्रकरण में, उच्च माध्यमिक शिक्षक पद की अभ्यर्थी की ओर से उच्च न्यायालय, जबलपुर के अधिवक्ता श्री अमित चतुर्वेदी ने पैरवी की.