एप डाउनलोड करें

भोजशाला केस के फैसले के बाद हिंदू पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की कैविएट

मध्य प्रदेश Published by: paliwalwani Updated Fri, 15 May 2026 09:46 PM
विज्ञापन
Follow Us
विज्ञापन

वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

धार. मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के धार में स्थित भोजशाला परिसर मामले (Bhojshala Complex Case) में हिंदू पक्ष ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में कैविएट याचिका दायर की। याचिका में मांग की गई है कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर होने वाली किसी भी अपील पर हिंदू पक्ष को सुने बिना कोई आदेश पारित न किया जाए।

यह कैविएट जितेंद्र सिंह ‘विशेन’ की ओर से अधिवक्ता बरुण कुमार सिन्हा के माध्यम से दाखिल की गई। याचिका में कहा गया है कि उपरोक्त मामले में हस्ताक्षरकर्ता को नोटिस दिए बिना कोई आदेश पारित न किया जाए।

जितेंद्र सिंह विशेन इस मामले में छठे याचिकाकर्ता थे, जिस पर इंदौर स्थित मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की खंडपीठ ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। हिंदू पक्ष के लिए बड़ी जीत माने जा रहे इस फैसले में हाईकोर्ट ने धार जिले स्थित विवादित भोजशाला परिसर को देवी सरस्वती को समर्पित मंदिर घोषित किया। साथ ही कहा कि इसके प्रशासन और प्रबंधन का निर्णय केंद्र सरकार और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ले सकते हैं।

एएसआई के आदेश को कोर्ट ने किया रद्द

हाईकोर्ट ने एएसआई के 7 अप्रैल 2003 के उस आदेश को भी रद्द कर दिया, जिसमें मुस्लिम समुदाय को हर शुक्रवार भोजशाला परिसर में नमाज अदा करने की अनुमति दी गई थी। खंडपीठ ने यह भी कहा कि मुस्लिम समुदाय, जो 11वीं शताब्दी के एएसआई संरक्षित स्मारक को ‘कमाल मौला मस्जिद’ कहता है, वह मस्जिद निर्माण के लिए धार जिले में अलग भूमि आवंटन हेतु मध्य प्रदेश सरकार से संपर्क कर सकता है।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next