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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केरल में भाजपा का प्रचार किया और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गोवर्धन जी की परिक्रमा की

जयपुर Published by: paliwalwani Updated Sat, 21 Mar 2026 01:12 PM
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मुख्यमंत्री शर्मा के बढ़ते राजनीतिक कद का अंदाजा लगाया जा सकता है...,

S.P.MITTAL BLOGGER

21 मार्च 2026 को राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर केरल में चार भाजपा प्रत्याशियों की नामांकन रैली में भाग लिया और केरल में रह रहे मारवाड़ी समाज के मतदाताओं से भाजपा को वोट देने की अपील की। सीएम शर्मा 21 मार्च को दिन भर केरल में रहे।

सीएम शर्मा ने उस दिन केरल में भाजपा के पक्ष में प्रचार किया, तब देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू  ने राजस्ािान में शामिल गोवर्धन जी की परिक्रमा की। आमतौर जब राष्ट्रपति किसी प्रदेश में आती है तो संबंधित प्रदेश के मुख्यमंत्री भी उपस्थित रहते हैं, लेकिन 21 मार्च को द्रौपदी मुर्मू ने जब राजस्थान की सीमा में गोवर्धन की परिक्रमा की तो मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मौजूद नहीं थे। सीएम शर्मा की जगह भरतपुर के प्रभारी मंत्री सुरेश रावत और मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि जवाहर सिंह बेढम ने मुर्मू का स्वागत किया। ये दोनों मंत्री परिक्रमा में मुर्मू के साथ भी रहे।

स्वाभाविक है कि अपनी गैर मौजूदगी के लिए सीएम शर्मा ने राष्ट्रपति मुर्मू ने संवाद किया होगा। मुर्मू ने ही अपनी तरफ से यह छूट दी होगी कि भजनलाल शर्मा भाजपा के प्रचार के लिए केरल जा सकते हैं। राष्ट्रपति की यात्रा को छोड़कर भजनलाल शर्मा का केरल जाना यह दर्शाता है कि राजस्थान की राजनीति में सीएम शर्मा का कद लगातार बढ़ रहा है। भाजपा के जिन नेताओं को यह मुगालता था कि उनकी वजह से ही राजस्थान में भाजपा की स्थिति मजबूत हुई है, उन नेताओं को अब भजनलाल शर्मा की राजनीतिक ताकत को देख लेना चाहिए।

भले ही शर्मा पहली बार विधायक बनकर मुख्यमंत्री बन गए हो, लेकिन दो साल के मुख्यमंत्री के कार्यकाल में भजनलाल शर्मा ने अपनी राजनीतिक ताकत इतनी बढ़ा ली कि वह राष्ट्रपति की यात्रा को छोड़कर केरल में राजनीतिक गतिविधियां कर रहे हैं। यानी भजनलाल शर्मा के लिए भाजपा की गतिविधियां ज्यादा महत्वपूर्ण है। वैसे भी सीएम शर्मा का चुनाव के मद्देनजर केरल जाना बहुत मायने रखता है।

सब जानते हैं कि केरल में भाजपा का ज्यादा प्रभाव नहीं है, लेकिन विधानसभा चुनाव में अपने वोटों की संख्या बढ़ाने के लिए भाजपा का शीर्ष नेतृत्व काफी गंभीर है। यही वजह है कि भजनलाल शर्मा को एक प्रभावी नेता मानते हुए केरल भेजा गया है। अभी तो चुनाव का शुरुआत दौर है। आने वाले दिनों में सीएम शर्मा के केरल में अनेक दौरे होंगे।

सनातन के प्रति आस्था : गोवर्धन जी की 21 किलोमीटर की परिक्रमा कर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सनातन के प्रति अपनी आस्था प्रकट की है। सनातन धर्म में विश्वास रखने वाले लोग भगवान कृष्ण से जुड़े गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करते है। यह परिक्रमा मार्ग उत्तर प्रदेश और राजस्थान की सीमा में है। यही वजह रही कि 21 मार्च 2026 को दोनों राज्यों ने राष्ट्रपति की परिक्रमा के इंतजाम किए। राष्ट्रपति ने 20 मार्च को वृंदावन में मंदिरों के दर्शन भी किए और 19 मार्च को अयोध्या में रामलला की आरती भी की।

गोल्फ कार में परिक्रमा : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गोल्फ कार में परिक्रमा की। 21 किलोमीटर परिक्रमा का दो किलोमीटर का क्षेत्र राजस्थान में तथा शेष 19 किलोमीटर का क्षेत्र उत्तर प्रदेश में आता है। चूंकि यह परिक्रमा राजस्थान की सीमा से शुरू हुई, इसलिए राष्ट्रपति के लिए गोल्फ कार को सजाया गया। इसी में राष्ट्रपति मुर्मू सवार होकर उत्तर प्रदेश और राजस्थान की सीमा से गुजरी। राजस्थान की सीमा पर राष्ट्रपति के लिए विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। 

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