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नई शुरूआत...

ज्ञानवर्धक प्रेरक प्रसंग Published by: paliwalwani Updated Sun, 05 Jul 2026 02:02 PM
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  1. आदित्य एक सफल व्यक्ति था, जो एक प्रतिष्ठित कंपनी में काम करता था। उसने एक सुंदर फ्लैट भी खरीदा था, जहां वह आराम से रह सकता था। उसकी जिंदगी में सब कुछ सही चल रहा था, लेकिन एक चीज़ ने उसे हमेशा परेशान किया – उसका तलाक। उसकी पत्नी प्रिया से उसका तलाक डेढ़ साल पहले हुआ था। उस दिन की यादें उसे अभी भी परेशान कर रही थी 

    एक शाम, जब आदित्य अपने फ्लैट में आराम करने के लिए सोफे पर बैठा था, उसका फोन अचानक बज उठा। उसने देखा कि कॉल प्रिया से आ रही है। उसके चेहरे पर गुस्सा आ गया। उसने फोन काट दिया। लेकिन थोड़ी देर बाद फिर से वही नंबर आ गया। इस बार आदित्य ने फोन उठाया और गुस्से में बोला, “अब क्या चाहिए तुम्हें? तुम्हारा कुछ भी तो नहीं है मेरे पास। क्यों बार-बार मुझे फोन करके परेशान करती हो?”

    प्रिया ने शांत स्वर में कहा, “आदित्य, बिल्कुल भी गुस्सा मत करो। मुझे तुम्हें कुछ दिखाना है और तुम्हें मेरे घर आना होगा। अगर तुम यह नहीं देखोगे, तो तुम ही पछताओगे।” यह कहकर प्रिया ने फोन काट दिया।

    आदित्य चुपचाप रह गया। उसका गुस्सा धीरे-धीरे खत्म हो गया, लेकिन उसके मन में सवाल उठने लगे कि ऐसा क्या है जो प्रिया उसे दिखाना चाहती है।

    रातभर आदित्य इसी सोच में डूबा रहा। आखिरकार, सुबह होते-होते उसने तय कर लिया कि वह प्रिया के घर जाएगा। उसे यह जानने की उत्सुकता थी कि प्रिया उसे किस चीज़ के लिए बुला रही है। उसने जल्दी से तैयार होकर मुंबई से दिल्ली के लिए उड़ान भरी।

    फ्लाइट में बैठते हुए आदित्य अपने पुराने दिनों में खो गया। वह सोचने लगा कि कैसे उसकी और प्रिया की शादी हुई थी। दोनों के बीच गहरा प्यार था। उसकी मां, सरिता, भी प्रिया को अपनी बेटी की तरह प्यार करती थीं। लेकिन अचानक सब कुछ बदल गया जब प्रिया की मां की तबीयत खराब हो गई और वह अपने मायके चली गईं।

    प्रिया के मायके जाने के बाद आदित्य को लगा कि माँ अकेली हो गई है। जब प्रिया घर लौटती थी, तो वह अक्सर राहुल नाम के लड़के से फोन पर बात करती थी। आदित्य को यह सब अच्छा नहीं लगा और उसे लगा कि कहीं प्रिया और राहुल के बीच कोई चक्कर तो नहीं है। यह सोचते-सोचते आदित्य ने प्रिया पर शक करना शुरू कर दिया।

    आखिरकार, आदित्य ने प्रिया से तलाक लेने का फैसला किया। वह सोचता था कि प्रिया ने उसकी भावनाओं का गलत फायदा उठाया है। जब उसने यह बात प्रिया के सामने रखी, तो प्रिया ने भी गुस्से में आकर कहा कि उसे आदित्य के साथ नहीं रहना। इस तरह, उनका तलाक हो गया।

    तलाक के बाद आदित्य पूरी तरह से टूट गया। उसने सोचा कि वह मुंबई जाकर एक नई जिंदगी शुरू करेगा। लेकिन जब वह दिल्ली आया, तो उसने प्रिया को फोन किया। प्रिया ने उसे नए पते पर बुलाया। आदित्य ने सोचा कि प्रिया ने नया घर किराए पर लिया होगा।

    जब आदित्य प्रिया के बताए पते पर पहुंचा, तो उसके होश उड़ गए। वह एक आलीशान तीन मंजिला मकान था। दरवाजे पर “प्रिया किचन” का बोर्ड देखकर आदित्य को समझ में आया कि प्रिया ने कुछ व्यवसाय शुरू किया है। वह अंदर गया और प्रिया से मिलने की कोशिश की।

    प्रिया ने आदित्य को देखा और उसे अंदर बुलाया। आदित्य ने देखा कि प्रिया अब पहले से ज्यादा आत्मनिर्भर और सफल हो गई है। वह एक बड़े किचन में खाना बना रही थी और अपने ग्राहकों से बात कर रही थी। आदित्य को यह देखकर हैरानी हुई कि प्रिया ने इतनी जल्दी अपने पैरों पर खड़ा होना सीख लिया।

    लेकिन जब प्रिया ने आदित्य को दूसरी मंजिल पर ले जाकर अपनी मां सरिता को दिखाया, तो आदित्य के पैरों तले जमीन खिसक गई। उसकी मां बहुत कमजोर और बीमार थीं। आदित्य ने अपनी मां को देखकर आंसू बहाए और उनसे गले मिल गया। मां ने बताया कि प्रिया ने उनकी बहुत देखभाल की है।

    सरिता ने आदित्य को बताया कि कैसे उसने प्रिया से मदद मांगी थी। प्रिया ने उनकी देखभाल की और उन्हें कभी अकेला नहीं छोड़ा। आदित्य को अपनी गलती का एहसास हुआ। उसने सोचा कि उसने प्रिया को गलत समझा था। वह खुद को बहुत बुरा महसूस करने लगा।

    आदित्य ने प्रिया से माफी मांगने का फैसला किया। उसने कहा, “प्रिया, मुझे माफ कर दो। मैंने तुम पर शक किया और तुम्हें गलत समझा। मैं तुमसे फिर से शादी करना चाहता हूं।” प्रिया ने थोड़ी देर तक सोचा और फिर कहा, “आदित्य, यह आसान नहीं है। तुम्हें पहले अपनी गलतियों का एहसास करना होगा।”

    आदित्य ने प्रिया से वादा किया कि वह अपनी मां की देखभाल करेगा और प्रिया के साथ मिलकर रहेंगे। उन्होंने फिर से शादी करने का फैसला किया। दोनों ने एक मंदिर में जाकर फिर से एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने की कसम खाई।

    अब आदित्य और प्रिया का एक खुशहाल परिवार है। उनके दो बच्चे हैं और सरिता भी पूरी तरह से ठीक हो गई हैं। आदित्य ने अपनी गलती से सीखा और प्रिया को कभी भी अकेला नहीं छोड़ने की कसम खाई। वह अब अपनी पत्नी और बच्चों के साथ एक खुशहाल जीवन जी रहा है।

  2. कथासार : प्रिय आत्मीय जनों इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि कभी-कभी हमें अपने करीबी लोगों पर शक करने से बचना चाहिए। प्यार और विश्वास ही किसी रिश्ते की नींव होते हैं। आदित्य ने अपनी गलती से सीखा और एक नई शुरुआत की।

    पंकज पाराशर...✍️

  3. जो व्यक्ति हर दिन आने वाली किसी भी चुनौती का साहसपूर्वक सामना करने की मानसिक क्षमता के साथ जागता है, वही व्यक्ति विजयी होता है...!!!
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