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संत दुर्गानंद का स्वर्गवास, अंतिम यात्रा आज

इंदौर Published by: Paliwalwani Updated Sun, 08 May 2022 12:58 AM
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जीते-जी ही अपनी षोडशी कर चुके अखंड धाम के

इंदौर : अपने जीते-जी मृत्यु के बाद की सभी शास्त्र सम्मत क्रियाओं को गत 17 अगस्त 2018 को संपन्न करने वाले शहर के पहले संत, अखंड धाम आश्रम से गत 20 वर्षों से जुड़े स्वामी दुर्गानंद (62) का आज दोपहर हृदयाघात से स्वर्गवास हो गया। वे ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर वेदांत केसरी स्वामी लक्ष्मणानंद महाराज के वरिष्ठ शिष्य थे। शहर में संभवतः वे पहले ऐसे संत थे जिन्होंने जीते-जी ही अपना षोडशी कार्यक्रम चार वर्ष पूर्व 17 अगस्त 2018 को संपन्न कर लिया था। तब उन्होंने 500 से अधिक संतों एवं 3 हजार से अधिक भक्तों को भोजन कराने के साथ ही 16 तरह की उन वस्तुओं का दान भी किया था, जो मृत्यु के बाद षोडशी में प्रदान की जाती है। अखंड धाम आश्रम के हरि अग्रवाल ने बताया कि आज दोपहर उन्हें हृदयाघात के कारण तकलीफ हुई, अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। आश्रम के महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी चेतन स्वरूप एवं स्वामी राजानंद ने बताया कि उनके पार्थिव शरीर को रविवार को सुबह 7 से 8.30 बजे तक अखंड धाम आश्रम पर भक्तों के दर्शनार्थ रखने के बाद अंतिम यात्रा डोली खेड़ी घाट के लिए प्रस्थित होगी। स्वामी दुर्गानंद के स्वर्गारोहण का समाचार मिलते ही आश्रम से जुड़े भक्तों में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में भक्त शाम से ही आश्रम पहुंचने लगे थे।

 

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