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समसगढ़ में श्रीफल भेंट किया : पूज्य मुनि श्री साध्य सागर जी महाराज संसघ ने वर्षायोग बीसपंथी मंदिर इंदौर में करने स्वीकृति

इंदौर Published by: paliwalwani Updated Wed, 01 Jul 2026 12:50 AM
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राजेश जैन दद्दू 

इंदौर.

मां अहिल्या की धर्म नगरी इंदौर में श्रंमण संस्कृति के महामहिम आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के प्रयाग शिष्य उज्जैन नगर गोरव परम पूज्य मुनि श्री साध्य सागर जी महाराज संसघ ने 2026 का वर्षायोग बीसपंथी मंदिर इंदौर में करने स्वीकृति प्रदान की.

धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि बीसपंथी मंदिर, मल्हारगंज  से परम गुरु भक्त श्रद्धालुओं का  प्रतिनिधि मंडल सीहोर के समीप स्थित समसगढ़ पहुंचा, जहां श्रंमण संस्कृति के महामहिम पट्टाचार्य, चर्या शिरोमणि,  संयम पुरुषोत्तम आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के परम शिष्य मुनि श्री साध्य सागर जी महाराज संसघ विराजमान हैं।

गुरु भक्त श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ मुनि श्री के श्रीचरणों में श्रीफल अर्पित कर आगामी चातुर्मास इंदौर के बीसपंथी मंदिर, मल्हारगंज में करने का विनम्र निवेदन किया. लंबे समय तक चले अनुनय-विनय एवं भक्तों की गहन भावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए मुनि श्री ने इंदौर नगर में चातुर्मास की स्वीकृति प्रदान की. जैसे ही मुनि श्री की स्वीकृति प्राप्त हुई, वैसे ही उपस्थित श्रद्धालुओं में हर्ष और उल्लास की लहर दौड़ गई.

गुरु भक्तों  के चेहरे प्रसन्नता से खिल उठे

गुरु भक्तों  के चेहरे प्रसन्नता से खिल उठे. मंदिर व्यवस्था समिति के वरिष्ठ सदस्य मनमोहन झांझरी ने बताया कि इस अवसर पर अपने संक्षिप्त उद्बोधन में मुनि श्री साध्य सागर जी महाराज ने कहा कि "चातुर्मास केवल एक स्थान पर ठहरने का नाम नहीं है, बल्कि यह आत्मशुद्धि, संयम, स्वाध्याय और धर्म आराधना का श्रेष्ठ अवसर है. वर्षा ऋतु के इन चार महीनों में यदि व्यक्ति अपने जीवन में थोड़ी भी साधना, स्व-अवलोकन और सदाचार को स्थान दे...दे, तो उसका जीवन धन्य हो सकता है. 

इस अवसर पर चातुर्मास व्यवस्था समिति के श्री राजेश पांड्या, भरत काला, अजय पाल टोंग्या, धर्मेंद्र पाटनी, अजय रावका, विजयपाल टोंग्या, रचित सेठी, सुरेश पाटोदी कलर, सोनू गोधा एवं श्रीमती पवनबेन, श्रीमती ज्योति लुहाड़िया, श्रीमती रेणु टोंग्या सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं भक्तजन उपस्थित थे. यह चातुर्मास "विशुद्ध दौर चातुर्मास" के रूप में आयोजित किया जाएगा.

!! नमोस्तु शासन जयवंत हो !!

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