इंदौर. नवजात शिशु चिकित्सा के क्षेत्र में इंदौर के डॉक्टरों ने एक बार फिर मानवता और चिकित्सा कौशल की मिसाल पेश की है। इंडेक्स हॅास्पिटल में सही समय पर बेहतर इलाज के कारण नवजात शिशुओं को नया जीवदान मिला।
इंडेक्स हॅास्पिटल में 32 हफ्ते में प्रसव होने के कारण महज 1200 ग्राम और 1700 ग्राम वजन के साथ जन्मे जुड़वा नवजात शिशु को गंभीर स्वास्थ्य समस्या के चलते तत्काल उपचार की आवश्यकता पड़ी। फेफड़े विकसित न होने के कारण श्वास संबंधी गंभीर समस्या थी।
बालरोग विभागाध्यक्ष डॅा. अनुराधा जैन ने बताया कि शिशु का वजन अत्यंत कम था और उसकी हालत नाजुक बनी हुई थी। शिशुओं को विशेष नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में रखा गया, जहां निगरानी, आवश्यक दवाइयां और पोषण दिया गया।लगातार उपचार और देखभाल का सकारात्मक असर देखने को मिला। डॅा.रावेंद्र सिंह ने बताया कि धीरे-धीरे शिशु की हालत में सुधार हुआ और उसका वजन 1500 और 1900 ग्राम हो गया।
डॉक्टरों के अनुसार अब शिशु पूरी तरह खतरे से बाहर है और सामान्य रूप से स्वास्थ्य लाभ कर रहा है। मयंक वेलफेयर सोसायटी के चेयरमैन सुरेशसिंह भदौरिया,डीन डॅा.संजीव नारंग,चिकित्सा अधीक्षक डॅा.स्वाति प्रशांत ने टीम की सराहना की।