वाशिंगटन. 24 मई (आईएएनएस)। व्हाइट हाउस के पास शनिवार शाम गोलीबारी करने वाले एक हमलावर को सीक्रेट सर्विस के अधिकारियों ने जवाबी फायरिंग में मार गिराया। इस गोलीबारी में एक राहगीर भी घायल हो गया। उस समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस में मौजूद थे और वह पूरी तरह सुरक्षित हैं।
यह घटना शनिवार शाम करीब 6 बजे 17वीं स्ट्रीट और पेनसिल्वेनिया एवेन्यू एन डब्ल्यू के पास हुई, जो व्हाइट हाउस और आइजनहावर एग्जीक्यूटिव ऑफिस बिल्डिंग के करीब का इलाका है। सीक्रेट सर्विस के चीफ ऑफ कम्युनिकेशंस एंथनी गुग्लिएल्मी ने बयान में कहा, “शनिवार शाम करीब 6 बजे एक व्यक्ति ने 17वीं स्ट्रीट और पेनसिल्वेनिया एवेन्यू के पास अपने बैग से हथियार निकाला और फायरिंग शुरू कर दी।
सीक्रेट सर्विस ने बताया कि उनके अधिकारियों ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें हमलावर को गोली लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बयान में यह भी कहा गया कि गोलीबारी के दौरान एक आम नागरिक भी गोली लगने से घायल हुआ। हालांकि अधिकारियों को कोई चोट नहीं आई। अभी तक अधिकारियों ने हमलावर की पहचान या हमले के पीछे की वजह नहीं बताई है। घायल राहगीर की हालत के बारे में भी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई।
एजेंसी ने कहा कि घटना के समय ट्रंप व्हाइट हाउस में मौजूद थे। बयान में कहा गया, “राष्ट्रपति व्हाइट हाउस में थे, लेकिन इस घटना का उनकी सुरक्षा या सरकारी कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ा।” घटना के बाद कुछ समय के लिए पूरे व्हाइट हाउस परिसर को लॉकडाउन कर दिया गया। हथियारबंद सीक्रेट सर्विस अधिकारी नॉर्थ लॉन में तैनात हो गए और सुरक्षा टीमों ने पत्रकारों और स्टाफ को तेजी से प्रेस ब्रीफिंग रूम में पहुंचाया।
सीएनएन के मुताबिक, वहां मौजूद पत्रकारों को अपनी जगह पर ही रहने को कहा गया। एजेंट लगातार 'नीचे झुको' और 'गोली चल रही है' जैसी चेतावनियां दे रहे थे। व्हाइट हाउस के पास मौजूद पत्रकारों ने बताया कि उन्होंने लगातार कई गोलियों की आवाज सुनी। एलिसन रॉबर्ट, जो द न्यूयॉर्क टाइम्स की फोटोग्राफर हैं, उन्होंने कहा कि प्रेस रूम के बाहर से 'करीब 20 से 30 गोलियों' की आवाज सुनाई दी।
उन्होंने टेक्स्ट मैसेज में कहा, “पत्रकारों ने बाहर से गोलियों की आवाज सुनी और फिर सीक्रेट सर्विस ने सभी को जल्दी से अंदर पहुंचाया।” एबीसी न्यूज की संवाददाता सेलिना वांग ने भी घटना के बाद के डर और अफरा-तफरी का जिक्र किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मैं व्हाइट हाउस नॉर्थ लॉन से अपने फोन पर सोशल वीडियो रिकॉर्ड कर रही थी, तभी हमने गोलियों की आवाज सुनी।
ऐसा लग रहा था जैसे दर्जनों गोलियां चल रही हों। फिर हमें भागकर प्रेस ब्रीफिंग रूम में जाने को कहा गया, जहां हम अभी रुके हुए हैं।” एफबीआई के डायरेक्टर काश पटेल ने कहा कि ब्यूरो भी जांच में मदद कर रहा है। पटेल ने 'एक्स' पर लिखा, “एफबीआई भी मौके पर मौजूद है और व्हाइट हाउस के पास हुई गोलीबारी की घटना में सीक्रेट सर्विस की मदद कर रही है।
जैसे-जैसे जानकारी मिलेगी, हम जनता को अपडेट देंगे।” सीक्रेट सर्विस ने कहा कि मामले की जांच जारी है और बाद में और जानकारी साझा की जाएगी। एफबीआई, मेट्रोपॉलिटन पुलिस विभाग और नेशनल गार्ड समेत कई एजेंसियां मौके पर पहुंचीं, जबकि व्हाइट हाउस के आसपास की सड़कों को कई घंटों तक बंद रखा गया।
यह घटना उस गोलीबारी के एक महीने से भी कम समय बाद हुई है, जिसने वॉशिंगटन में हुए व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स एसोसिएशन डिनर को भी प्रभावित किया था। उस कार्यक्रम में पत्रकार, लॉमेकर्स और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।