Monsoon Health Alert : बरसात का मौसम तपती गर्मी से तो राहत देता है लेकिन यह हमें सुस्त और लो एनर्जी भी महसूस करा सकता है। इस मौसम में इम्युनिटी कम होने लगती है और बीमारियों का खतरा ज़्यादा होने लगता है। तापमान में गिरावट, नमी में वृद्धि और बार-बार होने वाली बारिश हमारी एनर्जी को कम कर देती है।इस मौसम में अगर अपनी रूटीन में और ख़ान पान में बदलाव किया जाये तो इस मौसम में होने वाली परेशानियों से बचा जा सकता है। कुछ बॉडी एक्टिविटी हमारी ऊर्जा का स्तर बनाए रख सकती हैं और हम पूरी बरसात के मौसम में एक्टिव रह सकते हैं। जानिए कैसे..
दिन की शुरुआत तुलसी और अदरक की चाय जैसे गर्म ड्रिंक के साथ करें। सुबह गर्म ड्रिंक का सेवन करने से मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है और सर्कुलेशन बेहतर होता है। इस ड्रिंक का सेवन सुबह करने से बॉडी की कमजोरी और थकान दूर होती है और बॉडी में एनर्जी आती है। ये ड्रिंक मूड को बेहतर करता है। जर्नल ऑफ फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी में प्रकाशित एक रिसर्च में पाया गया कि अदरक की चाय मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करने में मदद करती है और बॉडी को गर्माहट देती है। सुबह गर्म ड्रिंक पीने की ये आदत आपको मॉनसून में होने वाली परेशानी से निजात दिलाएगी।
मॉनसून के दौरान ऐसी डाइट का सेवन करें जो बॉडी को एनर्जी दें। डाइट में जई, ब्राउन चावल और साबुत अनाज जैसे कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट का सेवन करें। ये सभी फूड आपको पूरा दिन एनर्जेटिक रखेंगे और होने वाली कमजोरी थकान को दूर करेंगे। डाइट में ताजे फल और सब्जियों को शामिल करें। विटामिन और खनिजों से भरपूर फूड्स कमजोरी और थकान को दूर करेंगे। पालक और दाल जैसे आयरन से भरपूर फूड्स बरसात में में होने वाली थकान को रोकने में खासतौर पर मदद करेंगे। पानी का अधिक सेवन करें बॉडी हाइड्रेट रहेगी।
बरसात में बॉडी को एनर्जेटिक रखने के लिए आप बॉडी को रेगुलर एक्टिव रखें। योग, स्ट्रेचिंग या बॉडी वेट वर्कआउट जैसी इनडोर एक्सरसाइज सर्कुलेशन में सुधार करने और एंडोर्फिन हॉर्मोन के स्तर को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। ये हॉर्मोन मूड और एनर्जी को बढ़ाने के लिए जाने जाते हैं। अमेरिकन काउंसिल ऑन एक्सरसाइज के एक अध्ययन के अनुसार बरसात के मौसम में एनर्जी के स्तर को बनाए रखने और फिटनेस में सुधार करने के लिए इनडोर एक्सरसाइज आउटडोर एक्टिविटी जितनी ही प्रभावी हो सकती है।
मानसून के मौसम में धूप कम निकलती है और मौसम में बदलाव ज्यादा होता है जिसके कारण सुस्ती और मूड में बदलाव होना लाजमी है। इस मौसम में ध्यान, गहरी सांस लेने या यहां तक कि शांत संगीत सुनने जैसी रिलैक्सेशन तकनीक का अभ्यास करने से तनाव को कम करने और मानसिक स्पष्टता में सुधार करने में मदद मिल सकती है। जर्नल ऑफ़ क्लिनिकल साइकोलॉजी में एक अध्ययन में पाया गया कि माइंडफुलनेस प्रैक्टिस तनाव को कम करके और भावनात्मक भावना को बढ़ाकर एनर्जी के स्तर में सुधार कर सकती हैं।
रात की 7-8 घंटे की सुकून भरी नींद हमारी बॉडी में एनर्जी के स्तर में सुधार करती है। अगर इस मौसम में आपका स्लीपिंग पैटर्न अनियमित होता है तो बॉडी में थकान और कमजोरी बनी रहती है। हर रात एक ही समय पर बिस्तर पर जाने और समय पर जागने की कोशिश करें। नींद का शेड्यूल बनाए रखने से आपके शरीर के इंटरनल क्लॉक को रेगुलेट करने, नींद की गुणवत्ता में सुधार करने और आपको पूरे दिन एनर्जेटिक महसूस करने में मदद कर सकती है।