नई दिल्ली.
बीते हफ्ते सर्राफा बाजार में SONA और चांदी की चाल में विरोधाभासी रुझान देखने को मिला। जहां सोने की कीमतों में गिरावट आई, वहीं चांदी के भाव में तेज़ उछाल दर्ज किया गया।
आंकड़ों के मुताबिक, सोने का भाव 3,174 रुपये गिरकर बीते पर आ गया, जबकि चांदी 6,443 रुपये बढ़कर 2,34,550 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। पिछले हफ्ते, यानी 26 दिसंबर, सोना 1,37,956 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। वहीं चांदी का भाव 2,28,107 रुपये प्रति किलो था।
बीता साल कीमती धातुओं के लिए ऐतिहासिक रहा। SONA : 31 दिसंबर 2024 को 24 कैरेट सोने का भाव 76,162 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो 31 दिसंबर 2025 तक बढ़कर 1,33,195 रुपये तक पहुंच गया। साल भर में सोने में बीते दर्ज की गई, जिससे निवेशकों को प्रति 10 ग्राम 57,033 रुपये का मुनाफा हुआ।
चांदी: चांदी ने सोने को भी पीछे छोड़ दिया। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी 86,017 रुपये थी, जो साल के अंत तक बढ़कर 2,30,420 रुपये प्रति किलो हो गई। सालभर में चांदी में 167का इजाफा हुआ, यानी निवेशकों को प्रति किलो 1,44,403 रुपये का लाभ हुआ।
सोना गिरा ₹3,174, चांदी उछली ₹6,443; जानें आज का ताजा भाव और 2025 का रिकॉर्ड प्रदर्शन सोने में तेजी के प्रमुख कारण बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि सोने की लंबी अवधि की कीमत बढ़ने के पीछे तीन मुख्य कारण हैं:
केंद्रीय बैंकों की खरीदारी : चीन समेत कई देशों के केंद्रीय बैंक अपने रिज़र्व में सोना बढ़ा रहे हैं। पिछले एक साल में केंद्रीय बैंकों ने 900 टन से ज्यादा सोना खरीदा, जिससे कीमतों को मजबूत समर्थन मिला।
चांदी में उछाल सिर्फ निवेश की वजह से नहीं, बल्कि औद्योगिक मांग भी तेज़ है:
विशेषज्ञों का अनुमान है कि कीमती धातुओं में तेजी अभी थमने वाली नहीं है।