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मेवाड़ के महान वीर प्रताप को नमन : डॉ. लोरी राकेश पालीवाल

आपकी कलम Published by: Sunil paliwal Updated Tue, 26 May 2020 04:13 AM
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‘‘मेवाड़ महिमा’’

सिंहावलोकन किया राष्ट्र में कोलाहल  पाया था,

दरिद्र कृषकों की वेदना में अपना स्वर मिलाया था, 

क्षीण तन, जर्जर मन में नवीन आह्वान दिलाया था, 

म्लेच्छ वंश को समूल मिटाने सबसे यह ठाना था, 

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निकल पड़ा सैन्य सहित अपना मान रखवाना था।

मेवाड़ी वर - वीरों के मुख हमने सुना तराना था।

सैन्य यूक्त टूट पड़ा रिपु पर वह प्रताप मर्दाना था।।

                   

महान मेवाड़ी महाराणा था राजपूती रक्त वाला था,

शक्ति थी अधीन उसके किंतु न्यून सैन्य बल था,

देशद्रोही मान सिंह को राजा ने जब विद्रोही पाया था,

निकल पड़े सैन्य सहित नवीन युद्ध रचाया था,

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हल्दीघाटी के मैदानों में अपना वार बताना था।

मेवाड़ी वर - वीरों के मुख हमने सुना तराना था।

सैन्य यूक्त टूट पड़ा रिपु पर वह प्रताप मर्दाना था।।

                   

एक और असंख्य सेना में बंदूक, हय, गज पाया था,

तोपखाना संग लेकर म्लेच्छ वंश हल्दीघाटी में आया,

लाखों व्यक्ति सेना में थे अनुमान नहीं उनका पाया था

बारह हजार सेना में गौरव प्रताप ने निज का पायाथा 

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हुआ युद्ध आरंभ शत्रुता का फल चखाना था।

मेवाड़ी वर - वीरों के मुख हमने सुना तराना था।

सैन्य यूक्त टूट पड़ा रिपु पर वह प्रताप मर्दाना था।। 

                   

हल्दीघाटी में उच्च गिरी भील झुंड में बैठे थे,

सर, धनुष सुसज्जित करके म्लेच्छ नाश करने तुले थे

भारी - भारी गिरी पत्थर यवन दल पर फैंके थे,

कुशल अश्वारोही पंक्ति - बद्ध सम्मुख बैठे थे,

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विपुल विपदा में म्लेच्छ को मार भगाना था।

मेवाड़ी वर - वीरों के मुख हमने सुना तराना था।

सैन्य यूक्त टूट पड़ा रिपु पर वह प्रताप मर्दाना था।।

                   

दो टाँगों के ऊपर चेटक गयंद सूँड पर खड़ा हुआ,

स्वामी भक्ति की झांकी अनुपम निज उर में लिए हुआ 

इसी बीच रण-भूमि में अति घाव लगा प्रताप को था,

प्रिय अश्व चेटक भी अब घाव पूर्ण तीन टाँगों का था,

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स्वदेश - प्रेम में गाथा तुम्हारी सदैव याद रहेगी।

विजयता-क्रीडा क्षेत्र को आलोकित याद तुम्हारी  करती रहेगी।

मेवाड़ी वर-वीरों के मुख हमने सुना तराना था।

सैन्य यूक्त टूट पड़ा रिपु पर वह प्रताप मर्दाना था।।

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● स्वरचित - डॉ. लोरी राकेश पालीवाल

पी.जी.टी.- हिंदी, महाराणा मेवाड़ पब्लिक स्कूल 

सिटी पैलेस, उदयपुर, राजस्थान

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