इंदौर कांग्रेस में संगठन और जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ती दूरी पर उठे सवाल : प्रकाश महावर ने घटना पर जताई नाराजगी
इंदौर कांग्रेस में संगठन और जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ती दूरी पर उठे सवाल
वरिष्ठ कांग्रेसी प्रकाश महावर ने मंच पर माइक छीने जाने की घटना पर जताई नाराजगी, वरिष्ठ नेताओं से शिकायत की बात
इंदौर. कांग्रेस को संगठनात्मक रूप से मजबूत करने और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की कोशिशों के बीच इंदौर में पार्टी के अंदर संगठन और पुराने कार्यकर्ताओं के बीच कथित दूरी का मामला सामने आया है। वरिष्ठ कांग्रेसी एवं पूर्व शहर कांग्रेस संगठन से जुड़े रहे प्रकाश महावर कोली ने शहर कांग्रेस के मौजूदा कामकाज को लेकर नाराजगी जताई है।
महावर का आरोप है कि कांग्रेस में एक ओर शीर्ष नेतृत्व से लेकर प्रदेश स्तर तक संगठन में गुटबाजी समाप्त कर जमीनी कार्यकर्ताओं को मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं, वहीं इंदौर में लंबे समय से पार्टी से जुड़े कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं को अपेक्षित तवज्जो नहीं मिल रही है। उनका कहना है कि इससे संगठन और जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच दूरी बढ़ रही है।
कई कार्यकाल में उपेक्षा का आरोप
महावर के मुताबिक, शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रमोद टंडन के कार्यकाल में वे लगातार पांच साल महामंत्री एवं स्थायी मंत्री का दायित्व संभालते रहे और संगठन की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे। उनका आरोप है कि इसके बाद शहर कांग्रेस अध्यक्ष रहे विनय बाकलीवाल और सुरजीत सिंह चड्ढा के कार्यकाल में उन्हें संगठन की मुख्यधारा से प्रमोद टंडन का समर्थक होने के कारण अलग-थलग कर दिया गया और कोई विशेष तवज्जो नहीं दी गई।
महावर का कहना है कि मौजूदा शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे के कार्यकाल में भी स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं आया। इसी के चलते उन्होंने शहर कांग्रेस की सक्रिय राजनीति से दूरी बनाते हुए पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सक्रियता बढ़ाई।
अनंत चतुर्दशी की रात मंच पर माइक छीने जाने का आरोप
इसी क्रम में अनंत चतुर्दशी के अवसर पर शहर कांग्रेस के मंच पर हुई कथित घटना ने विवाद को और बढ़ा दिया। महावर के अनुसार, वे देर रात शहर कांग्रेस के मंच पर पहुंचे थे। इस दौरान शहर कांग्रेस अध्यक्ष के बेटे इशान चौकसे ने उन्हें माइक देते हुए कहा कि “दादा, आपके बिना अनाउंसमेंट में मजा ही नहीं आ रहा है” आप माइक सम्भाले।
महावर के अनुसार, जैसे ही उन्होंने माइक लेकर बोलना शुरू किया, शहर कांग्रेस के संगठन महामंत्री संजय बाकलीवाल ने उनके हाथ से माइक छीनकर किसी अन्य व्यक्ति को दे दिया। इस घटना से वे नाराज हो गए और दोनों के बीच तीखी बहस की स्थिति बन गई।
महावर का कहना है कि उन्होंने संजय बाकलीवाल से माइक छीने जाने पर आपत्ति जताते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। स्थिति बिगड़ती देख पार्षद राजू भदौरिया, राजा चौकसे और शैलेष गर्ग ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया।
वरिष्ठ नेताओं से शिकायत की तैयारी
घटना के बाद प्रकाश महावर ने कहा कि वे इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को लिखित शिकायत भेजेंगे।
महावर के मुताबिक उन्होंने इस मामले की जानकारी फोन पर पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, प्रदेश प्रवक्ता राजेश चौकसे और शहर कांग्रेस कोषाध्यक्ष शैलेष गर्ग को भी दी है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे का मोबाइल बंद होने कारण उनसे बात नहीं हो पाई ।
संगठन में संवाद और सम्मान का सवाल
प्रकाश महावर की नाराजगी को केवल एक कार्यक्रम में माइक छीने जाने की घटना के रूप में नहीं देखा जा रहा, बल्कि यह मामला पार्टी के पुराने और जमीनी कार्यकर्ताओं तथा वर्तमान संगठन के बीच संवाद और समन्वय को लेकर उठ रहे सवालों से भी जुड़ता दिखाई दे रहा है।
हालांकि, मंच पर हुई घटना और उसके कारणों को लेकर संबंधित अन्य पक्षों का पक्ष सामने आना अभी बाकी है। ऐसे में पूरे घटनाक्रम की तस्वीर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल यह मामला इंदौर कांग्रेस संगठन में पुराने कार्यकर्ताओं की भूमिका, संगठन में सम्मान, संवाद और सक्रिय भागीदारी को लेकर एक नई बहस का कारण बनता नजर आ रहा है।
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