संघ की कर्नाटक प्रांत प्रचारकों की बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट का एक्शन प्लान तय ! : चंपत राय को अयोध्या से हटाया जाएगा, अनिल मिश्रा की गिरफ्तारी का रास्ता साफ
ट्रस्ट का कामकाज पूर्णकालिक सीईओ संभालेगा
भविष्य में संघ की अखिल भारतीय स्तर की बैठक 3 वर्ष में केवल एक बार होगी
मिलिंद मुजुमदार
अयोध्या में राम मंदिर के प्रबंधन और निर्माण के लिए केंद्र सरकार द्वारा गठित ट्रस्ट का नाम 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र' है. यह 15 सदस्यीय ट्रस्ट है, जिसके अंतरिम महामंत्री कृष्ण मोहन हैं. ट्रस्ट ने हाल ही में मंदिर के प्रशासनिक कामकाज के लिए पूर्णकालिक CEO पद हेतु 18 जुलाई 2026 तक आवेदन आमंत्रित किए हैं.
चढ़ावा चोरी के बीच अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट सीईओ की तलाश कर रहा है. ट्रस्ट ने CEO पद के लिए वेकेंसी निकाली है और इसके लिए सख्त योग्यताएं भी रखी है... ट्रस्ट के CEO पद के लिए आवेदन के बाद बाकायदा इंटरव्यू लिया जाएगा और फिर किसी एक का चुनाव किया जाएगा.
इंदौर.
कर्नाटक के बेलगावी में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारकों की तीन दिवसीय बैठक में अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए। इस बैठक में देश भर के 11 क्षेत्रों और 46 प्रांतों से आए प्रचारकों सहित कुल 226 शीर्ष पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। सूत्रों के अनुसार अयोध्या ट्रस्ट के कामकाज में पारदर्शिता और अनुशासन लाने के लिए संघ ने एक कड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है।
इस नए प्लान के तहत राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय को अयोध्या से हटाया जाएगा, जबकि वित्तीय और प्रशासनिक गड़बड़ियों के आरोपों में घिरे अनिल मिश्रा की गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया है। यानी यदि एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट में अनिल मिश्रा को भी दोषी पाया गया तो उनकी गिरफ्तारी हो सकती है। इसी के साथ अब ट्रस्ट की कमान किसी पूर्णकालिक सीईओ को सौंपी जाएगी।
इसके अलावा,संघ के मौजूदा संगठनात्मक ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए फैसला किया गया है कि भविष्य में अखिल भारतीय स्तर की बैठकें सालाना की बजाय अब केवल 3 वर्षों में एक बार आयोजित की जाएंगी। इसका कारण यह है कि अगले वर्ष से संघ की प्रांतीय व्यवस्था समाप्त की जा रही है। इसका स्थान संभागीय इकाईयां लेंगी।
अभी संघ के अखिल भारतीय स्तर पर 46 प्रांत हैं, उनकी जगह 85 संभागों की रचना की जाएगी। इसी के साथ संघ की सभी अखिल भारतीय बैठकें समाप्त होंगी। प्रतिवर्ष होने वाली अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा, प्रांत प्रचारकों की बैठक और अखिल भारतीय कार्यकारिणी की बैठकें अब नहीं होगी। यह बैठकें अब क्षेत्रीय स्तर पर होंगी।
अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक अब प्रत्येक 3 वर्ष में केवल नागपुर में होगी
पूरे देश को संघ ने 11 क्षेत्रों में विभाजित किया है। अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक अब प्रत्येक 3 वर्ष में केवल नागपुर में होगी जिसमें सरकार्यवाह का निर्वाचन होगा। बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 32 अनुसांगिक संगठनों ने हिस्सा लिया इनमें भारतीय जनता पार्टी भी शामिल थी। भाजपा की ओर से राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने हिस्सा लिया।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
संघ ने अपने शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के तहत 25 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक पूरे देश के सभी मंडलों, बस्तियों और अलग-अलग मोहल्लों में विशेष शाखा लगाने का निर्णय लिया है। इन 15 दिनों के भीतर लगातार 10 दिनों तक तय स्थानों पर शाखाएं आयोजित की जाएंगी।
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