इंदौर. इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) की बहुचर्चित योजना क्रमांक-171 से प्रभावित भूखंड धारकों ने अपनी लंबी प्रतीक्षा और बढ़ती पीड़ा को लेकर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। रविवार को तुलसीनगर स्थित सरस्वती मंदिर प्रांगण में आयोजित बैठक में न्यायनगर एक्सटेंशन, श्री महालक्ष्मीनगर और पुष्पविहार कॉलोनी के बड़ी संख्या में प्रभावित सदस्य शामिल हुए। बैठक में योजना-171 की मुक्ति के लिए अब तक किए गए प्रयासों की समीक्षा की गई तथा आगामी रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में उपस्थित सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि वर्षों से भूखंड मिलने की आस लगाए बैठे हजारों परिवारों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। प्रभावितों ने आरोप लगाया कि बार-बार आश्वासनों और घोषणाओं के बावजूद योजना-171 का समाधान नहीं हो पाया है, जिससे लोगों में गहरा असंतोष व्याप्त है।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अगले 20 दिनों के भीतर एक विस्तृत प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। इसमें योजना-171 से जुड़े पीड़ितों की समस्याओं, अब तक के संघर्ष और आगे की कार्ययोजना को सार्वजनिक रूप से रखा जाएगा। साथ ही प्रदेश सरकार और प्रशासन का ध्यान इस गंभीर मुद्दे की ओर आकर्षित किया जाएगा।
बैठक में यह भी तय किया गया कि जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और वरिष्ठ जनप्रतिनिधि महेंद्र हार्डिया के माध्यम से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा पूर्व में की गई, उस घोषणा का स्मरण कराया जाएगा, जिसमें उन्होंने योजना-171 के भूखंड पीड़ितों को शीघ्र राहत देने का आश्वासन दिया था। प्रभावितों का कहना है कि मुख्यमंत्री की घोषणा पर शीघ्र अमल होना चाहिए ताकि वर्षों से लंबित इस समस्या का स्थायी समाधान निकल सके।
बैठक में यह भी चेतावनी दी गई कि यदि प्रेस कॉन्फ्रेंस और जनप्रतिनिधियों से संवाद के बाद भी सकारात्मक परिणाम नहीं निकलते हैं तो योजना-171 के प्रभावित वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं और उनके परिवारजन प्राधिकरण के खिलाफ सड़कों पर उतरकर लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएंगे। आंदोलन की तिथि और स्थान की घोषणा शीघ्र की जाएगी।
पुष्पविहार कॉलोनी प्लॉटधारक समूह की अध्यक्षा सुनीता तोमर ने कहा कि प्रभावित परिवार वर्षों से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अब समय आ गया है कि सरकार और संबंधित एजेंसियां इस मुद्दे का स्थायी समाधान निकालें और भूखंड धारकों को न्याय दिलाएं। बैठक में बड़ी संख्या में प्रभावित परिवारों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन देने का संकल्प लिया।
25 years of waiting for plots: IDA Scheme-171 affected families warn of protests