पुलकित पुरोहित-अनिल बागोरा
इंदौर. मेहनत, समर्पण और प्रतिभा जब एक साथ मिलते हैं, तब सफलता केवल व्यक्ति की नहीं बल्कि पूरे परिवार, समाज और क्षेत्र की पहचान बन जाती हैं.
पालीवाल ब्राह्मण समाज के लिए गर्व और हर्ष का विषय है कि पीपल्स मेडिकल कॉलेज के तृतीय वर्ष के होनहार छात्र श्री प्रद्युम्न पुरोहित ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की हैं. नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के चौथे वर्षगांठ समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री द्वारा प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया. जब हर भारतीय गौरवान्वित हुआ.
इस गरिमामयी अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की चौथी वर्षगांठ पर शुभकामनाएं दीं तथा देशभर के प्रतिभाशाली छात्रों को सम्मानित किया. इसी क्रम में पीपल्स मेडिकल कॉलेज के तृतीय वर्ष के छात्र श्री प्रद्युम्न पुरोहित ने संपूर्ण भारत से प्राप्त लगभग 8000 प्रविष्टियों के बीच अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा का परिचय देते हुए तीसरा पुरस्कार प्राप्त कर एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम की. जो एक गौरव की बात हैं.
श्री प्रद्युम्न पुरोहित ने अपनी इस उपलब्धि से न केवल अपने परिवार का नाम रोशन किया है, बल्कि पालीवाल समाज को भी राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करने का कार्य किया हैं. उनकी यह सफलता पालीवाल समाज के युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है कि निरंतर परिश्रम, लगन और सकारात्मक सोच के माध्यम से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता हैं. बस ध्यर्य और उचित अवसर का मौका मिलना चाहिए.
इस अवसर पर समाजजनों ने श्री प्रद्युम्न पुरोहित को शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की तथा कहा कि ऐसे प्रतिभाशाली युवा समाज की सच्ची पहचान होते हैं और आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनते हैं.
श्री प्रद्युम्न पुरोहित की यह उपलब्धि केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि पूरे पालीवाल समाज, परिवार और क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण हैं.
इसका अर्थ है कठिन परिश्रम करना, भले ही वह आसान या आनंददायक न हो, और सामने आने वाली चुनौतियों और बाधाओं से पार पाना... इसका अर्थ है, अपने लक्ष्य तक पहुँचने के लिए हर संभव प्रयास करने की प्रतिबद्धता. समर्पण किसी कार्य या लक्ष्य को पूर्णता तक पहुँचाने का दृढ़ निश्चय है...