आज चन्द्रमा आपकी राशि से षष्ठ भाव (शत्रु/रोग - प्रतिस्पर्धा एवं विजय) में गोचर कर रहा है। आज मीन राशि में सूर्य (एकादश भाव (लाभ - आय व अभीष्ट सिद्धि)), तुला में चन्द्रमा (षष्ठ भाव (शत्रु/रोग - प्रतिस्पर्धा एवं विजय)) तथा वृश्चिक में बृहस्पति (सप्तम भाव (दांपत्य - साझेदारी व व्यापार)) का गोचर आपके दिन को विशेष दिशा प्रदान कर रहा है। नक्षत्र मंडल में क्षेम तारा (सुरक्षा, सफलता एवं कल्याण) सक्रिय रहने से आज आपके सभी कार्य सुगमता से संपन्न होंगे और पारिवारिक सुख में वृद्धि होगी। शनि (Saturn) का दिन होने के कारण अनुशासन, धैर्य, दीर्घकालिक नीतियों एवं कर्मठता में अतिरिक्त ऊर्जा व संबल प्राप्त होगा।
शुभ अंक
8 एवं 4
शुभ रंग
शुभ रत्न
हीरा / ओपल (Diamond/Opal)
अनुकूल दिशा
दक्षिण (South)
🟢 शुभ समय
🔴 अशुभ काल
दोपहर 01:30 से 03:00 बजे तक (राहुकाल)
💼
कार्यक्षेत्र में शुक्र (Venus) और शनि (द्वादश भाव (व्यय - विदेश, मोक्ष व निवेश)) का प्रभाव आपको कर्मठता प्रदान करेगा। व्यापार एवं नौकरी में आपकी सक्रियता नई ऊंचाइयों को छूने में सहायक होगी। कृष्ण पक्ष के दौरान अपने व्यावसायिक लक्ष्यों पर निरंतरता बनाए रखें और महत्वपूर्ण अनुबंधों की भली-भांति समीक्षा करें।
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आर्थिक दृष्टिकोण से बृहस्पति का सप्तम भाव (दांपत्य - साझेदारी व व्यापार) में गोचर धन आगमन के नए स्रोत प्रशस्त करेगा। पूर्व में किए गए दीर्घकालिक निवेशों से लाभ मिलने के योग हैं। अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखें तथा बजट बनाकर चलें।
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पारिवारिक एवं दांपत्य जीवन में शुक्र (नवम भाव (भाग्य - धर्म, तीर्थ व पिता)) का अनुकूल गोचर मधुरता और सौहार्द में वृद्धि करेगा। जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बेहतरीन रहेगा और परिजनों के साथ सुखद समय व्यतीत होगा।
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स्वास्थ्य के प्रति सजगता बनाए रखें। शनि (Saturn) की अनुकूलता के साथ दैनिक आहार में पौष्टिक तत्वों और पर्याप्त जल का समावेश करें। मानसिक शांति के लिए सुबह ध्यान व प्राणायाम का अभ्यास अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।
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विद्यार्थियों के लिए बुध (एकादश भाव (लाभ - आय व अभीष्ट सिद्धि)) का गोचर एकाग्रता और बौद्धिक क्षमता में वृद्धि करेगा। प्रतियोगी परीक्षाओं एवं उच्च अध्ययन की तैयारी कर रहे छात्रों को परिश्रम का उत्तम फल मिलेगा।
भगवान शिव का जलाभिषेक करें अथवा कच्चा दूध अर्पित करें। वृषभ राशि के स्वामी शुक्र (Venus) के बीज मंत्र 'ॐ शुं शुक्राय नमः' का 108 बार मानसिक जप करें।
ग्रह गोचर प्रभाव: आज मीन राशि में सूर्य (एकादश भाव (लाभ - आय व अभीष्ट सिद्धि)), तुला में चन्द्रमा (षष्ठ भाव (शत्रु/रोग - प्रतिस्पर्धा एवं विजय)) तथा वृश्चिक में बृहस्पति (सप्तम भाव (दांपत्य - साझेदारी व व्यापार)) का गोचर आपके दिन को विशेष दिशा प्रदान कर रहा है।
| ग्रह |
वर्तमान राशि |
अंश (डिग्री) |
गति/स्थिति |
वृषभ राशि से गोचर भाव |
|
सूर्य (Sun)
|
मीन |
8° 20' |
मार्गी |
एकादश भाव (लाभ - आय व अभीष्ट सिद्धि) |
|
चन्द्रमा (Moon)
|
तुला |
26° 11' |
मार्गी |
षष्ठ भाव (शत्रु/रोग - प्रतिस्पर्धा एवं विजय) |
|
मंगल (Mars)
|
मीन |
23° 40' |
मार्गी |
एकादश भाव (लाभ - आय व अभीष्ट सिद्धि) |
|
बुध (Mercury)
|
मीन |
21° 07' |
मार्गी |
एकादश भाव (लाभ - आय व अभीष्ट सिद्धि) |
|
बृहस्पति (Jupiter)
|
वृश्चिक |
3° 12' |
वक्री |
सप्तम भाव (दांपत्य - साझेदारी व व्यापार) |
|
शुक्र (Venus)
|
मकर |
21° 51' |
मार्गी |
नवम भाव (भाग्य - धर्म, तीर्थ व पिता) |
|
शनि (Saturn)
|
मेष |
27° 14' |
मार्गी |
द्वादश भाव (व्यय - विदेश, मोक्ष व निवेश) |
|
राहु (Rahu)
|
वृश्चिक |
26° 13' |
वक्री |
सप्तम भाव (दांपत्य - साझेदारी व व्यापार) |
|
केतु (Ketu)
|
वृषभ |
26° 13' |
वक्री |
प्रथम भाव (लग्न - व्यक्तित्व एवं ऊर्जा) |
अस्वीकरण: यह दैनिक राशिफल, उपाय, शुभ अंक व रत्न विवरण पारंपरिक ज्योतिषीय सिद्धांतों पर आधारित है। यह केवल सामान्य पाठकीय रुचि एवं सूचनात्मक उद्देश्य के लिए है। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय अथवा रत्न धारण से पूर्व किसी सुयोग्य ज्योतिषी से व्यक्तिगत कुंडली का परीक्षण अवश्य कराएं।