आज चन्द्रमा आपकी राशि से पंचम भाव (संतान/बुद्धि - उच्च ज्ञान व यश) में गोचर कर रहा है। आज मिथुन राशि में सूर्य (प्रथम भाव (लग्न - व्यक्तित्व एवं ऊर्जा)), तुला में चन्द्रमा (पंचम भाव (संतान/बुद्धि - उच्च ज्ञान व यश)) तथा कन्या में बृहस्पति (चतुर्थ भाव (सुख - मातृ, भूमि व घरेलू शांति)) का गोचर आपके दिन को विशेष दिशा प्रदान कर रहा है। नक्षत्र मंडल में परममित्र तारा (परम कल्याण एवं विजय) सक्रिय रहने से आज भाग्य का पूर्ण साथ रहेगा, समाज में मान-प्रतिष्ठा और प्रभाव में वृद्धि होगी। बृहस्पति (Jupiter) का दिन होने के कारण ज्ञान, अध्यात्म, वरिष्ठों के आशीर्वाद एवं वित्तीय विस्तार में अतिरिक्त ऊर्जा व संबल प्राप्त होगा।
शुभ अंक
9 एवं 5
शुभ रंग
शुभ रत्न
पन्ना (Emerald)
अनुकूल दिशा
पश्चिम (West)
🟢 शुभ समय
🔴 अशुभ काल
दोपहर 01:30 से 03:00 बजे तक (राहुकाल)
💼
कार्यक्षेत्र में बुध (Mercury) और शनि (एकादश भाव (लाभ - आय व अभीष्ट सिद्धि)) का प्रभाव आपको कर्मठता प्रदान करेगा। व्यापार एवं नौकरी में आपकी सक्रियता नई ऊंचाइयों को छूने में सहायक होगी। शुक्ल पक्ष के दौरान अपने व्यावसायिक लक्ष्यों पर निरंतरता बनाए रखें और महत्वपूर्ण अनुबंधों की भली-भांति समीक्षा करें।
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आर्थिक दृष्टिकोण से बृहस्पति का चतुर्थ भाव (सुख - मातृ, भूमि व घरेलू शांति) में गोचर धन आगमन के नए स्रोत प्रशस्त करेगा। पूर्व में किए गए दीर्घकालिक निवेशों से लाभ मिलने के योग हैं। अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखें तथा बजट बनाकर चलें।
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पारिवारिक एवं दांपत्य जीवन में शुक्र (प्रथम भाव (लग्न - व्यक्तित्व एवं ऊर्जा)) का अनुकूल गोचर मधुरता और सौहार्द में वृद्धि करेगा। जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बेहतरीन रहेगा और परिजनों के साथ सुखद समय व्यतीत होगा।
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स्वास्थ्य के प्रति सजगता बनाए रखें। बृहस्पति (Jupiter) की अनुकूलता के साथ दैनिक आहार में पौष्टिक तत्वों और पर्याप्त जल का समावेश करें। मानसिक शांति के लिए सुबह ध्यान व प्राणायाम का अभ्यास अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।
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विद्यार्थियों के लिए बुध (द्वादश भाव (व्यय - विदेश, मोक्ष व निवेश)) का गोचर एकाग्रता और बौद्धिक क्षमता में वृद्धि करेगा। प्रतियोगी परीक्षाओं एवं उच्च अध्ययन की तैयारी कर रहे छात्रों को परिश्रम का उत्तम फल मिलेगा।
भगवान शिव का जलाभिषेक करें अथवा कच्चा दूध अर्पित करें। मिथुन राशि के स्वामी बुध (Mercury) के बीज मंत्र 'ॐ बुं बुधाय नमः' का 108 बार मानसिक जप करें।
ग्रह गोचर प्रभाव: आज मिथुन राशि में सूर्य (प्रथम भाव (लग्न - व्यक्तित्व एवं ऊर्जा)), तुला में चन्द्रमा (पंचम भाव (संतान/बुद्धि - उच्च ज्ञान व यश)) तथा कन्या में बृहस्पति (चतुर्थ भाव (सुख - मातृ, भूमि व घरेलू शांति)) का गोचर आपके दिन को विशेष दिशा प्रदान कर रहा है।
| ग्रह |
वर्तमान राशि |
अंश (डिग्री) |
गति/स्थिति |
मिथुन राशि से गोचर भाव |
|
सूर्य (Sun)
|
मिथुन |
5° 52' |
मार्गी |
प्रथम भाव (लग्न - व्यक्तित्व एवं ऊर्जा) |
|
चन्द्रमा (Moon)
|
तुला |
0° 06' |
मार्गी |
पंचम भाव (संतान/बुद्धि - उच्च ज्ञान व यश) |
|
मंगल (Mars)
|
कन्या |
11° 30' |
मार्गी |
चतुर्थ भाव (सुख - मातृ, भूमि व घरेलू शांति) |
|
बुध (Mercury)
|
वृषभ |
16° 32' |
मार्गी |
द्वादश भाव (व्यय - विदेश, मोक्ष व निवेश) |
|
बृहस्पति (Jupiter)
|
कन्या |
23° 18' |
मार्गी |
चतुर्थ भाव (सुख - मातृ, भूमि व घरेलू शांति) |
|
शुक्र (Venus)
|
मिथुन |
29° 08' |
मार्गी |
प्रथम भाव (लग्न - व्यक्तित्व एवं ऊर्जा) |
|
शनि (Saturn)
|
मेष |
26° 01' |
मार्गी |
एकादश भाव (लाभ - आय व अभीष्ट सिद्धि) |
|
राहु (Rahu)
|
धनु |
10° 47' |
वक्री |
सप्तम भाव (दांपत्य - साझेदारी व व्यापार) |
|
केतु (Ketu)
|
मिथुन |
10° 47' |
वक्री |
प्रथम भाव (लग्न - व्यक्तित्व एवं ऊर्जा) |
अस्वीकरण: यह दैनिक राशिफल, उपाय, शुभ अंक व रत्न विवरण पारंपरिक ज्योतिषीय सिद्धांतों पर आधारित है। यह केवल सामान्य पाठकीय रुचि एवं सूचनात्मक उद्देश्य के लिए है। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय अथवा रत्न धारण से पूर्व किसी सुयोग्य ज्योतिषी से व्यक्तिगत कुंडली का परीक्षण अवश्य कराएं।