आज चन्द्रमा आपकी राशि से षष्ठ भाव (शत्रु/रोग - प्रतिस्पर्धा एवं विजय) में गोचर कर रहा है। आज वृषभ राशि में सूर्य (द्वितीय भाव (धन - वाणी एवं संचित संपत्ति)), कन्या में चन्द्रमा (षष्ठ भाव (शत्रु/रोग - प्रतिस्पर्धा एवं विजय)) तथा कन्या में बृहस्पति (षष्ठ भाव (शत्रु/रोग - प्रतिस्पर्धा एवं विजय)) का गोचर आपके दिन को विशेष दिशा प्रदान कर रहा है। नक्षत्र मंडल में विपत तारा (धैर्य एवं जोखिम से बचाव) सक्रिय रहने से आज किसी भी प्रकार के अनावश्यक विवाद अथवा नए जोखिम भरे निवेश से बचें। बृहस्पति (Jupiter) का दिन होने के कारण ज्ञान, अध्यात्म, वरिष्ठों के आशीर्वाद एवं वित्तीय विस्तार में अतिरिक्त ऊर्जा व संबल प्राप्त होगा।
शुभ अंक
1 एवं 6
शुभ रंग
शुभ रत्न
मूंगा (Red Coral)
अनुकूल दिशा
पूर्व (East)
🟢 शुभ समय
🔴 अशुभ काल
दोपहर 01:30 से 03:00 बजे तक (राहुकाल)
💼
कार्यक्षेत्र में मंगल (Mars) और शनि (प्रथम भाव (लग्न - व्यक्तित्व एवं ऊर्जा)) का प्रभाव आपको कर्मठता प्रदान करेगा। व्यापार एवं नौकरी में आपकी सक्रियता नई ऊंचाइयों को छूने में सहायक होगी। शुक्ल पक्ष के दौरान अपने व्यावसायिक लक्ष्यों पर निरंतरता बनाए रखें और महत्वपूर्ण अनुबंधों की भली-भांति समीक्षा करें।
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आर्थिक दृष्टिकोण से बृहस्पति का षष्ठ भाव (शत्रु/रोग - प्रतिस्पर्धा एवं विजय) में गोचर धन आगमन के नए स्रोत प्रशस्त करेगा। पूर्व में किए गए दीर्घकालिक निवेशों से लाभ मिलने के योग हैं। अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखें तथा बजट बनाकर चलें।
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पारिवारिक एवं दांपत्य जीवन में शुक्र (द्वितीय भाव (धन - वाणी एवं संचित संपत्ति)) का अनुकूल गोचर मधुरता और सौहार्द में वृद्धि करेगा। जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बेहतरीन रहेगा और परिजनों के साथ सुखद समय व्यतीत होगा।
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स्वास्थ्य के प्रति सजगता बनाए रखें। बृहस्पति (Jupiter) की अनुकूलता के साथ दैनिक आहार में पौष्टिक तत्वों और पर्याप्त जल का समावेश करें। मानसिक शांति के लिए सुबह ध्यान व प्राणायाम का अभ्यास अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।
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विद्यार्थियों के लिए बुध (प्रथम भाव (लग्न - व्यक्तित्व एवं ऊर्जा)) का गोचर एकाग्रता और बौद्धिक क्षमता में वृद्धि करेगा। प्रतियोगी परीक्षाओं एवं उच्च अध्ययन की तैयारी कर रहे छात्रों को परिश्रम का उत्तम फल मिलेगा।
भगवान शिव का जलाभिषेक करें अथवा कच्चा दूध अर्पित करें। मेष राशि के स्वामी मंगल (Mars) के बीज मंत्र 'ॐ भौं भौमाय नमः' का 108 बार मानसिक जप करें।
ग्रह गोचर प्रभाव: आज वृषभ राशि में सूर्य (द्वितीय भाव (धन - वाणी एवं संचित संपत्ति)), कन्या में चन्द्रमा (षष्ठ भाव (शत्रु/रोग - प्रतिस्पर्धा एवं विजय)) तथा कन्या में बृहस्पति (षष्ठ भाव (शत्रु/रोग - प्रतिस्पर्धा एवं विजय)) का गोचर आपके दिन को विशेष दिशा प्रदान कर रहा है।
| ग्रह |
वर्तमान राशि |
अंश (डिग्री) |
गति/स्थिति |
मेष राशि से गोचर भाव |
|
सूर्य (Sun)
|
वृषभ |
9° 04' |
मार्गी |
द्वितीय भाव (धन - वाणी एवं संचित संपत्ति) |
|
चन्द्रमा (Moon)
|
कन्या |
19° 49' |
मार्गी |
षष्ठ भाव (शत्रु/रोग - प्रतिस्पर्धा एवं विजय) |
|
मंगल (Mars)
|
कन्या |
2° 38' |
मार्गी |
षष्ठ भाव (शत्रु/रोग - प्रतिस्पर्धा एवं विजय) |
|
बुध (Mercury)
|
मेष |
23° 22' |
वक्री |
प्रथम भाव (लग्न - व्यक्तित्व एवं ऊर्जा) |
|
बृहस्पति (Jupiter)
|
कन्या |
23° 52' |
वक्री |
षष्ठ भाव (शत्रु/रोग - प्रतिस्पर्धा एवं विजय) |
|
शुक्र (Venus)
|
वृषभ |
24° 59' |
मार्गी |
द्वितीय भाव (धन - वाणी एवं संचित संपत्ति) |
|
शनि (Saturn)
|
मेष |
22° 43' |
मार्गी |
प्रथम भाव (लग्न - व्यक्तित्व एवं ऊर्जा) |
|
राहु (Rahu)
|
धनु |
12° 16' |
वक्री |
नवम भाव (भाग्य - धर्म, तीर्थ व पिता) |
|
केतु (Ketu)
|
मिथुन |
12° 16' |
वक्री |
तृतीय भाव (पराक्रम - साहस एवं छोटे भाई-बहन) |
अस्वीकरण: यह दैनिक राशिफल, उपाय, शुभ अंक व रत्न विवरण पारंपरिक ज्योतिषीय सिद्धांतों पर आधारित है। यह केवल सामान्य पाठकीय रुचि एवं सूचनात्मक उद्देश्य के लिए है। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय अथवा रत्न धारण से पूर्व किसी सुयोग्य ज्योतिषी से व्यक्तिगत कुंडली का परीक्षण अवश्य कराएं।