आज चन्द्रमा आपकी राशि से अष्टम भाव (आयु/गूढ़ - शोध व अप्रत्याशित लाभ) में गोचर कर रहा है। आज मेष राशि में सूर्य (द्वितीय भाव (धन - वाणी एवं संचित संपत्ति)), तुला में चन्द्रमा (अष्टम भाव (आयु/गूढ़ - शोध व अप्रत्याशित लाभ)) तथा कन्या में बृहस्पति (सप्तम भाव (दांपत्य - साझेदारी व व्यापार)) का गोचर आपके दिन को विशेष दिशा प्रदान कर रहा है। नक्षत्र मंडल में मित्र तारा (सहयोग, सौहार्द एवं लाभ) सक्रिय रहने से आज मित्रों व वरिष्ठजनों का भरपूर सहयोग प्राप्त होगा और नए संबंध प्रगाढ़ होंगे। शनि (Saturn) का दिन होने के कारण अनुशासन, धैर्य, दीर्घकालिक नीतियों एवं कर्मठता में अतिरिक्त ऊर्जा व संबल प्राप्त होगा।
शुभ अंक
3 एवं 8
शुभ रंग
शुभ रत्न
पुखराज (Yellow Sapphire)
अनुकूल दिशा
उत्तर (North)
🟢 शुभ समय
🔴 अशुभ काल
दोपहर 01:30 से 03:00 बजे तक (राहुकाल)
💼
कार्यक्षेत्र में बृहस्पति (Jupiter) और शनि (द्वितीय भाव (धन - वाणी एवं संचित संपत्ति)) का प्रभाव आपको कर्मठता प्रदान करेगा। व्यापार एवं नौकरी में आपकी सक्रियता नई ऊंचाइयों को छूने में सहायक होगी। शुक्ल पक्ष के दौरान अपने व्यावसायिक लक्ष्यों पर निरंतरता बनाए रखें और महत्वपूर्ण अनुबंधों की भली-भांति समीक्षा करें।
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आर्थिक दृष्टिकोण से बृहस्पति का सप्तम भाव (दांपत्य - साझेदारी व व्यापार) में गोचर धन आगमन के नए स्रोत प्रशस्त करेगा। पूर्व में किए गए दीर्घकालिक निवेशों से लाभ मिलने के योग हैं। अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखें तथा बजट बनाकर चलें।
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पारिवारिक एवं दांपत्य जीवन में शुक्र (द्वितीय भाव (धन - वाणी एवं संचित संपत्ति)) का अनुकूल गोचर मधुरता और सौहार्द में वृद्धि करेगा। जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बेहतरीन रहेगा और परिजनों के साथ सुखद समय व्यतीत होगा।
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स्वास्थ्य के प्रति सजगता बनाए रखें। शनि (Saturn) की अनुकूलता के साथ दैनिक आहार में पौष्टिक तत्वों और पर्याप्त जल का समावेश करें। मानसिक शांति के लिए सुबह ध्यान व प्राणायाम का अभ्यास अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।
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विद्यार्थियों के लिए बुध (तृतीय भाव (पराक्रम - साहस एवं छोटे भाई-बहन)) का गोचर एकाग्रता और बौद्धिक क्षमता में वृद्धि करेगा। प्रतियोगी परीक्षाओं एवं उच्च अध्ययन की तैयारी कर रहे छात्रों को परिश्रम का उत्तम फल मिलेगा।
भगवान शिव का जलाभिषेक करें अथवा कच्चा दूध अर्पित करें। मीन राशि के स्वामी बृहस्पति (Jupiter) के बीज मंत्र 'ॐ बृं बृहस्पतये नमः' का 108 बार मानसिक जप करें।
ग्रह गोचर प्रभाव: आज मेष राशि में सूर्य (द्वितीय भाव (धन - वाणी एवं संचित संपत्ति)), तुला में चन्द्रमा (अष्टम भाव (आयु/गूढ़ - शोध व अप्रत्याशित लाभ)) तथा कन्या में बृहस्पति (सप्तम भाव (दांपत्य - साझेदारी व व्यापार)) का गोचर आपके दिन को विशेष दिशा प्रदान कर रहा है।
| ग्रह |
वर्तमान राशि |
अंश (डिग्री) |
गति/स्थिति |
मीन राशि से गोचर भाव |
|
सूर्य (Sun)
|
मेष |
13° 57' |
मार्गी |
द्वितीय भाव (धन - वाणी एवं संचित संपत्ति) |
|
चन्द्रमा (Moon)
|
तुला |
10° 55' |
मार्गी |
अष्टम भाव (आयु/गूढ़ - शोध व अप्रत्याशित लाभ) |
|
मंगल (Mars)
|
कन्या |
1° 01' |
वक्री |
सप्तम भाव (दांपत्य - साझेदारी व व्यापार) |
|
बुध (Mercury)
|
वृषभ |
1° 45' |
मार्गी |
तृतीय भाव (पराक्रम - साहस एवं छोटे भाई-बहन) |
|
बृहस्पति (Jupiter)
|
कन्या |
26° 16' |
वक्री |
सप्तम भाव (दांपत्य - साझेदारी व व्यापार) |
|
शुक्र (Venus)
|
मेष |
23° 02' |
मार्गी |
द्वितीय भाव (धन - वाणी एवं संचित संपत्ति) |
|
शनि (Saturn)
|
मेष |
19° 24' |
मार्गी |
द्वितीय भाव (धन - वाणी एवं संचित संपत्ति) |
|
राहु (Rahu)
|
धनु |
13° 39' |
वक्री |
दशम भाव (कर्म - करियर, पदोन्नति व मान-प्रतिष्ठा) |
|
केतु (Ketu)
|
मिथुन |
13° 39' |
वक्री |
चतुर्थ भाव (सुख - मातृ, भूमि व घरेलू शांति) |
अस्वीकरण: यह दैनिक राशिफल, उपाय, शुभ अंक व रत्न विवरण पारंपरिक ज्योतिषीय सिद्धांतों पर आधारित है। यह केवल सामान्य पाठकीय रुचि एवं सूचनात्मक उद्देश्य के लिए है। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय अथवा रत्न धारण से पूर्व किसी सुयोग्य ज्योतिषी से व्यक्तिगत कुंडली का परीक्षण अवश्य कराएं।