आज चन्द्रमा आपकी राशि से चतुर्थ भाव (सुख - मातृ, भूमि व घरेलू शांति) में गोचर कर रहा है। आज तुला राशि में सूर्य (द्वितीय भाव (धन - वाणी एवं संचित संपत्ति)), धनु में चन्द्रमा (चतुर्थ भाव (सुख - मातृ, भूमि व घरेलू शांति)) तथा वृश्चिक में बृहस्पति (तृतीय भाव (पराक्रम - साहस एवं छोटे भाई-बहन)) का गोचर आपके दिन को विशेष दिशा प्रदान कर रहा है। नक्षत्र मंडल में परममित्र तारा (परम कल्याण एवं विजय) सक्रिय रहने से आज भाग्य का पूर्ण साथ रहेगा, समाज में मान-प्रतिष्ठा और प्रभाव में वृद्धि होगी। शुक्र (Venus) का दिन होने के कारण सुख-समृद्धि, कला, दांपत्य जीवन एवं सौंदर्य प्रसाधनों में अतिरिक्त ऊर्जा व संबल प्राप्त होगा।
शुभ अंक
6 एवं 2
शुभ रंग
शुभ रत्न
पन्ना (Emerald)
अनुकूल दिशा
दक्षिण (South)
🟢 शुभ समय
🔴 अशुभ काल
दोपहर 01:30 से 03:00 बजे तक (राहुकाल)
💼
कार्यक्षेत्र में बुध (Mercury) और शनि (नवम भाव (भाग्य - धर्म, तीर्थ व पिता)) का प्रभाव आपको कर्मठता प्रदान करेगा। व्यापार एवं नौकरी में आपकी सक्रियता नई ऊंचाइयों को छूने में सहायक होगी। शुक्ल पक्ष के दौरान अपने व्यावसायिक लक्ष्यों पर निरंतरता बनाए रखें और महत्वपूर्ण अनुबंधों की भली-भांति समीक्षा करें।
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आर्थिक दृष्टिकोण से बृहस्पति का तृतीय भाव (पराक्रम - साहस एवं छोटे भाई-बहन) में गोचर धन आगमन के नए स्रोत प्रशस्त करेगा। पूर्व में किए गए दीर्घकालिक निवेशों से लाभ मिलने के योग हैं। अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखें तथा बजट बनाकर चलें।
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पारिवारिक एवं दांपत्य जीवन में शुक्र (द्वितीय भाव (धन - वाणी एवं संचित संपत्ति)) का अनुकूल गोचर मधुरता और सौहार्द में वृद्धि करेगा। जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बेहतरीन रहेगा और परिजनों के साथ सुखद समय व्यतीत होगा।
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स्वास्थ्य के प्रति सजगता बनाए रखें। शुक्र (Venus) की अनुकूलता के साथ दैनिक आहार में पौष्टिक तत्वों और पर्याप्त जल का समावेश करें। मानसिक शांति के लिए सुबह ध्यान व प्राणायाम का अभ्यास अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।
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विद्यार्थियों के लिए बुध (द्वितीय भाव (धन - वाणी एवं संचित संपत्ति)) का गोचर एकाग्रता और बौद्धिक क्षमता में वृद्धि करेगा। प्रतियोगी परीक्षाओं एवं उच्च अध्ययन की तैयारी कर रहे छात्रों को परिश्रम का उत्तम फल मिलेगा।
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ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः
भगवान शिव का जलाभिषेक करें अथवा कच्चा दूध अर्पित करें। कन्या राशि के स्वामी बुध (Mercury) के बीज मंत्र 'ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः' का 108 बार मानसिक जप करें।
ग्रह गोचर प्रभाव: आज तुला राशि में सूर्य (द्वितीय भाव (धन - वाणी एवं संचित संपत्ति)), धनु में चन्द्रमा (चतुर्थ भाव (सुख - मातृ, भूमि व घरेलू शांति)) तथा वृश्चिक में बृहस्पति (तृतीय भाव (पराक्रम - साहस एवं छोटे भाई-बहन)) का गोचर आपके दिन को विशेष दिशा प्रदान कर रहा है।
| ग्रह |
वर्तमान राशि |
अंश (डिग्री) |
गति/स्थिति |
कन्या राशि से गोचर भाव |
|
सूर्य (Sun)
|
तुला |
14° 32' |
मार्गी |
द्वितीय भाव (धन - वाणी एवं संचित संपत्ति) |
|
चन्द्रमा (Moon)
|
धनु |
28° 08' |
मार्गी |
चतुर्थ भाव (सुख - मातृ, भूमि व घरेलू शांति) |
|
मंगल (Mars)
|
सिंह |
23° 51' |
मार्गी |
द्वादश भाव (व्यय - विदेश, मोक्ष व निवेश) |
|
बुध (Mercury)
|
तुला |
27° 02' |
मार्गी |
द्वितीय भाव (धन - वाणी एवं संचित संपत्ति) |
|
बृहस्पति (Jupiter)
|
वृश्चिक |
7° 39' |
मार्गी |
तृतीय भाव (पराक्रम - साहस एवं छोटे भाई-बहन) |
|
शुक्र (Venus)
|
तुला |
17° 33' |
मार्गी |
द्वितीय भाव (धन - वाणी एवं संचित संपत्ति) |
|
शनि (Saturn)
|
वृषभ |
13° 10' |
वक्री |
नवम भाव (भाग्य - धर्म, तीर्थ व पिता) |
|
राहु (Rahu)
|
वृश्चिक |
14° 24' |
वक्री |
तृतीय भाव (पराक्रम - साहस एवं छोटे भाई-बहन) |
|
केतु (Ketu)
|
वृषभ |
14° 24' |
वक्री |
नवम भाव (भाग्य - धर्म, तीर्थ व पिता) |
अस्वीकरण: यह दैनिक राशिफल, उपाय, शुभ अंक व रत्न विवरण पारंपरिक ज्योतिषीय सिद्धांतों पर आधारित है। यह केवल सामान्य पाठकीय रुचि एवं सूचनात्मक उद्देश्य के लिए है। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय अथवा रत्न धारण से पूर्व किसी सुयोग्य ज्योतिषी से व्यक्तिगत कुंडली का परीक्षण अवश्य कराएं।