विजय कुमार दास की याचिका पर केंद्र का सुप्रीम कोर्ट में जवाब, 237 पर्यावरण मंजूरियों पर SEIAA को मेरिट के आधार पर फैसला लेने की बात

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अंतिम सुनवाई पर हो सकती है दोषियों पर कार्रवाई

नई दिल्ली. 3 अक्टूबर,(राजेश भाटिया ) मध्यप्रदेश में पर्यावरणीय मंजूरियों से जुड़े मामले में विजय कुमार दास की याचिका पर केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट में जवाबी हलफनामा दाखिल किया है। यह मामला Writ Petition (Civil) No. 689/2025 – Vijay Kumar Das बनाम Union of India & Others से संबंधित है। दस्तावेज 1 अक्टूबर 2026 को दाखिल किया गया। 

याचिकाकर्ता विजय कुमार दास ने मध्यप्रदेश की State Environment Impact Assessment Authority (SEIAA) के Member Secretary द्वारा जारी 237 Environmental Clearances (ECs) को चुनौती दी है। याचिका में इन मंजूरियों को अवैध घोषित करने, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई, जांच, पर्यावरणीय क्षति के लिए मुआवजा तथा SEIAA की संस्थागत स्वतंत्रता सहित अन्य राहतों की मांग की गई है।

237 मामलों पर अंतिम फैसला अभी बाकी

केंद्र के जवाब में कहा गया है कि इन 237 मामलों की प्रक्रिया SEAC की सिफारिशों तक पहुंची थी, लेकिन इन मामलों पर SEIAA, मध्यप्रदेश की बैठकों में अंतिम रूप से मंजूरी या अस्वीकृति का निर्णय अभी नहीं लिया गया है।

मंत्रालय ने कहा कि सभी 237 मामलों को SEIAA, मध्यप्रदेश द्वारा प्रत्येक मामले के तथ्यों और EIA Notification, 2006 के प्रावधानों के आधार पर मेरिट पर विचार करते हुए अंतिम निर्णय के लिए रखा जाना उचित होगा। 

‘Deemed Clearance’ का अधिकार नहीं

जवाबी हलफनामे में Fact Finding Committee की टिप्पणियों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि EIA Notification के Para 8(iii) के तहत यदि निर्धारित समय में नियामक प्राधिकारी अपना निर्णय संप्रेषित नहीं करता है, तो परियोजना प्रस्तावक SEAC/EAC की अंतिम सिफारिशों के आधार पर आगे बढ़ सकता है।

हालांकि, केंद्र के अनुसार इस प्रावधान में “Deemed Environmental Clearance” जारी करने का कोई अधिकार नहीं दिया गया है। SEAC/EAC की भूमिका सिफारिशी है, जबकि अंतिम निर्णय लेने का अधिकार SEIAA/संबंधित नियामक प्राधिकारी के पास है।

याचिका में उठे मुद्दे की जांच भी हुई

जवाबी हलफनामे में SEIAA मध्यप्रदेश के कामकाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों की जांच के लिए गठित Fact Finding Committee (FFC) की टिप्पणियों का भी उल्लेख है। समिति ने 237 पर्यावरणीय मंजूरियों के मुद्दे पर EIA Notification, 2006 के प्रावधानों की समीक्षा की और कहा कि SEAC की सिफारिशों पर SEIAA द्वारा निर्णय लिया जाना आवश्यक है।

याचिकाकर्ता विजय कुमार दास की याचिका अब मध्यप्रदेश में पर्यावरणीय मंजूरियों की प्रक्रिया, SEIAA की कार्यप्रणाली और 237 मामलों में अंतिम निर्णय के मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष ले आई है और आने  वाले समय में अनुमति हेतु दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही हो सकती है।

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