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सातवें वेतन आयोग सहित कर्मचारी की 13 सुत्रीय मांगों को लेकर उग्र आंदोलन की चेतावनी

पालीवाल वाणी ब्यूर     Category: उदयपुर     19 Dec 2016 (10:48 PM)

उदयपुर (राज.)। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के प्रदेशाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह राठौड, महामंत्री राजेन्द्र प्रसाद शर्मा ने पालीवाल वाणी को बताया कि अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) की 13 सुत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी। उदयपुर 18 दिसबर सातवें वेतन आयोग सहित कर्मचारी की 13 सुत्रीय मांगों को लेकर अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के प्रदेशाध्यक्ष गजेन्द्रसिंह राठौड के नेतृत्व में संभागीय आयुक्त कार्यालय सुबह 11 बजे से धरना व प्रदर्शन किया। महासंघ के जिलाध्यक्ष सत्यवीर सिंह तंवर ने पालीवाल वाणी को बताया की धरने के बाद संभागीय आयुक्त को मुख्यमंत्री के नाम कर्मचारियों की 13 सुत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। महासंघ (एकीकृत) के प्रदेशाध्यक्ष राजेन्द राठौड ने पत्रकार वार्ता में पालीवाल वाणी को बताया की सातवां वेतन आयोग गुजरात, उत्तरप्रदेश सहित 8 राज्यों में लागु किया जा चुका हैं परन्तु राजस्थान सरकार ने अब तक समिति का गठन भी नहीं किया हैं एव पूर्व में सरकार के साथ हुई विभिन्न मांगों पर वार्ता के बावजूद किसी तरह की कार्रवाई नहीं होने से कर्मचायिों में रोष व्याप्त हैं एवं अपनी मांगो के समर्थन में विरोध-प्रदर्शन करने पर राजस्थान सराकर कर्मचारियों को मजबुर कर रही हैं। उन्होने आगे बताया की सरकार मांगे शीघ्र नहीं मानने पर आंदोलन को उग्र किया जाएगा। इस दौरान सर्वश्री वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष भंवरसिंह धीरावत, प्रदेश सहायक वित्तमंत्री सुरेश नारायण शर्मा, प्रदेश संयुक्त मंत्री अशोक भण्डारी व उमेश शर्मा, जयपुर जिला महामंत्री देवी सहाय वर्मा, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य हेमकांत शर्मा, उदयपुर जिलाध्यक्ष सत्यवीर सिंह तंवर, मुख्य संरक्षक मोडीलाल सेम्बारा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोतीलाल लौहार राजस्थान नर्सेज एसोसिएषन उदयपुर ग्रामीण के जिलाध्यक्ष भूपेन्द्रंिसह शक्तावत, शिक्षक संघ एकीकृत के प्रदेश उपाध्यक्ष यशवन्त पांडे, नारायणसिंह राठौड, राहुल पछोला, धर्मदास डगाचा, पंकज जैन, पवन दानाध्यक्ष, प्रफुल गांधी, महेन्द्र ओझा, दीपलाल मेनारिया, मनोज मीणा, कन्हैयालाल वैष्णव, दिलीप पारिख एवं महासंघ व सम्बद्ध कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री के नाम संभागीय आयुक्त को ज्ञापन सौंपा

सातवें वेतन आयोग सहित 13 सुत्रीय मांगों को लेकर अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) का संभागीय आयुक्त कार्यालय पर आज करेंगे धरना व प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम संभागीय आयुक्त को ज्ञापन सौंपा।
(1) 1 जनवरी, 2016 से केन्द्र के अनुरूप सातवाँ वेतन आयोग लागू किया जाये।
(2) सुराज संकल्प - पत्र 2013 की कर्मचारी कल्याण की घोशणा (बिन्दू संख्या 1) के अनुरूप अधीनस्थ, मंत्रालयिक एवं अन्य संवर्गों की वेतन विसंगतियों को दूर किया जावे।
(3) सुप्रीम कोर्ट के आदेष की अनुपालना में सभी अस्थाई कर्मचारियों को स्थायी कर्मचारियों के समान वेतन देने के आदेष जारी किये जावें तथा सुराज संकल्प पत्र -
2013 में कर्मचारी कल्याण के बिन्दु संख्या - 5 पर की गई घोशणा के अनुरूप - जनता जल योजना कर्मी, प्रेरक, विद्यार्थी मित्र, वन मित्र, कृषी मित्र, पैरा टीचर, मदरसा पैरा टीचर, शिक्षाकर्मी, लोक जुम्बिश कर्मचारी, एन.आर.एच.एम. कर्मी, नरेगा कर्मी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, साथिन, आशा सहयोगिनी, चिकित्सा कर्मी, कम्प्यूटर ऑपरेटर, शिक्षक, प्रबोधक, होमगार्ड, सी.सी.डी.यू एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अंषकालीन रसाईये व चैकीदार, मुख्यमंत्री निःशुल्क जाँच योजना में लगाये गये लैब टैक्निशियन, लैब अटेन्डेंट एवं लैब सहायक आदि को नियमित किया जावे।
(4) राज्य कर्मचारियों के वेतन से आर.पी.एम.एफ. मद में की जा रही कटौती को तुरंत प्रभाव से बंद किया जावे।
(5) अधीनस्थ एवं मंत्रालयिक सेवा के कार्मिकों को स्टेशनरी भत्ता कार्यालय व्यय मद के स्थान पर पूर्व की भांति संवेतन मद से आहरित करने के आदेश बहाल किये जावें।
(6) सुराज संकल्प पत्र - 2013 की कर्मचारी कल्याण की घोशणा के बिन्दु संख्या -3 के अनुसार ग्रामीण कर्मचारियों को ग्रामीण भत्ता दिया जावे, साथ ही ग्रामीण कर्मचारियों के मकान किराये में वृद्धि की जावे।
(7) वर्कचार्ज कर्मचारियों के सेवानियम बनाकर उनकी पदौन्नति की जावे।
(8) नई पेंशन योजना - 2004 के स्थान पर पुरानी सुनिष्चित पेंषन योजना बहाल की जावे।
(9) अर्जित अवकाश की लिमिट 300 दिवस से बढ़ाकर सेवानिवृति तक जोड़ने के आदेश जारी किये जावें। उल्लेखनीय है कि पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने यह आदेष 5 अक्टूबर, 2016 को पारित कर दिया है।
(10) प्रोबेशन पीरियडड को समाप्त करते हुऐ नियुक्ति तिथि से ही नियमित वेतन श्रृखंला प्रदान की जावे।
(11) सरकारी विभागोंध्निगमध्बोर्ड आदि का निजीकरण बंद किया जावे।
(12) राज्य कर्मचारियों को ए.सी.पी. का लाभ 9, 18 व 27 वर्श के स्थान पर 7, 14, 21 व 28 वर्ष पर दिया
जावे तथा पदोन्नति भी इसी के अनुरूप दी जावे।
(13) महासंघ (एकीकृत) के लम्बित मांगपत्र 18.03.2015 व पूरक मांगपत्र - 19.09.2016 की मांगों का निस्तारण किया जावे तथा 9 अप्रेल,2016 को मंत्रीमण्डलीय उप समिति की वार्ता में लिये गये निर्णयों की क्रियान्विति की जावे।

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