Latest News
      1. श्री चारभुजानाथ की भव्य पदयात्रा इंदौर से 2 सिंतबर को निकलेगी      2. श्री महाकालेश्वर की शाही सवारी के साथ उदयपुर में नगर भ्रमण      3. उर्त्षक जोशी, प्रखर जोशी का गोताखोर में दोनो भाई की कोई होड़ नही...इसका श्रेय श्री रमेश व्यास को       4. अच्छी बारिश और खुशहाली की कामना को लेकर मेनार में विशाल कावड़ आज      5. श्री हीरालाल जोशी, मनोज जोशी का जन्मदिन एक पेड़...एक बेटी...बचाने का संकल्प लेकर मनाया       6. समाजसेवी श्री सुरेश दवे का जन्मदिन संस्था ब्राह्मण परिवार ने मनाया
वीरवर शिरोमणि पत्ता की मूर्ति का अनावरण - Paliwalwani.com

वीरवर शिरोमणि पत्ता की मूर्ति का अनावरण

Kishan Paliwal     Category: राजसमन्द     13 Jul 2016 (3:33 PM)

किशन पालीवाल की कलम से राज.

आमेट, राज. 

वीरवर पत्ता का जन्म रावत जग्गा जी चुण्डावत एवम् राणी सँजना कवर से विक्रम संवत 1611 में आमेट में हुआ ।विरकवर पत्ता मेवाड़ महाराणा लाखा जी (विक्रम संवत 1439-77) के ज्येष्ठ पुत्र चुंडा जी के वंशज थे जिनसे पत्ता  चुण्डावत वंशी कहलाये ।   महाराणा मेवाड़ उदय सिंह के शासन काल में जब दिल्ली से मुगल बादशाह अकबर ने 23 अक्टुम्बर सन् 1567 को चितोडगढ़ पर आक्रमण किया तो उदय् सिंह ने अपने विष्ववत वीर पत्ता को किले का किलेदार बनाकर सेना संघठन हेतु जंगलो में चले गए एक वर्ष तक चले युद्ध के बाद जब लगा की मुगलो से युद्ध नही जीत पाएंगे की ऐसी स्थिति में 25 फ़रवरी 1568 में वीरवर पत्ता सहित क्षत्रियो ने साका ( प्रण)  लिया वही हजारो क्षत्राणियो ने जोहर की ज्वाला में भस्मीभूत होकर अपने प्राणों की आहुति दे दी ।चित्तोड़ के तृतीय जौहर ओर शाके में अकबर पत्ता की वीरता से इतना प्रभावित  हुआ की उसने पत्ता की गजारूढ़ मूर्ति बनाकर आगरे के मुक्य द्वार के बाहर स्थापित करवाकर उनके शौर्य का शिलालेख लिखवाया ।जयमल बढता जीमणे, पत्तो डावे पास ।हिन्दू चढ़िया हाथियॉ, अडियो जस आकास ।।ऐसे वीरवर पत्ता की मूर्ति का अनावरण महाराणा महेन्द्र सिंह  मेवाड़ पुरे राजशाही लवाजमे के साथ में करेंगे ।साथ ही राज्य के अनेक राव उमराव एवम् अनेक राजनीती हस्तियाँ शिरकत करेगी ।                                          

*ये रहेगा  मूर्ति अनावरण का कार्यक्रम *

* उदयपुर से महाराणा महेंद्र सिंह की पधरावणी आज केलवा चौपाटी  सुबह 11 बजे ।
* केलवा चोराहे से  लेवाने 51 मोटर साइकल पर सवार जवान ।
* समता मार्बल के गेस्ट हॉउस पर महाराणा महेंद्र सिंह का विश्राम ।
समता मार्बल से आधे घण्टे विश्राम के बाद आमेट की और प्रस्थान आगे पुलिस की जीप एवम् पीछे मोटर साइकल जवान  संकल्प होटल के पास स्वागत द्वार पर आमेट रावत प्रभु प्रकाश सिंह द्वारा महाराणा महेंद्र सिंह का तिलक लगा जल आरती एवम् माला पहनाकर नजराना पेश किया जाएगा ।
* वहा से पैदल ही महाराणा महेंद्र सिंह राजशाही  लवाजमे  के साथ मूर्ति अनावरण स्थल पर पधारेंगे ।एवम् मूर्ति का अनावरण करेंगे ।
 महाराणा द्वारा मूर्ति का अनावरण करते ही ग्यारह तोपो की सलामी  अनावरण के पश्चात महाराणा महेंद्र सिंह पांडाल में बने स्टेज पर बिराजेंगे जहा आमेट राजमहल द्वारा स्वागत एवम् तलवार भेट की जाएगी ।तथ् पश्चात जन प्रतिनिधियो द्वारा स्वागत सत्कार होगा
* पांडाल में 2 घण्टे तक के कार्यक्रम में महाराणा द्वारा जन सभा को सम्बोधित किया जाएगा ।साथ ही  आमेट रावत प्रभु प्रकाश सिंह ,सांसद  हरिओम सिंह राठौड़, विधायक सुरेन्द्र सिंह राठौड़ एवम् जनप्रतिनिधियो द्वारा भी जन सभा को सम्बोधित किया जाएगा ।
* जन सभा के बाद मूर्ति स्थल से जुलुस के रूप में  खुली जीप पर महाराणा महेंद्र सिंह  राजमहल की ओर प्रस्थान करेंगे ।
* जुलुस के आगे घोड़े ,बेंड ,पंजाबी ढोल , नंगार खाना , मोटर साइकलों एवम् गाडियो जीपो को काफिला होगा
* आमेट नगर मै अनेक जगहों पर आम जनता, संगठनो , संस्थानों द्वारा महाराणा महेंद्र सिंह का स्वागत किया जाएगा ।
* राजमहल के चोक में बिराजित भगवान श्री जय सिंह श्याम जी के दर्शन करके महाराणा महेंद्र सिंह मेवाड़ राजमहल में प्रवेश करेंगे जहाँ राजमहल द्वारा मेवाड़ी पारम्परिक तरीको से एवम विधिविधान द्वारा स्वागत सत्कार  किया जाएगा ।
* महल पधारकर महाराणा लंच करेंगे जिनके साथ में आमेट रावत प्रभु प्रकाश सिंह , राव, उमराव, सरदार भी साथ में बेठ लंच ( जीमण) करेंगे ।
* जीमण के पश्चात 3 बजे कँवर जयराज सिंह का महाराणा महेंद्र सिंह द्वारा राज तिलकं ( लहरिया) किया जाएगा ।
* राजतिलक ( लहरिया) के रस्म के पश्चात फिर से 11 तोपो की सलामी ।
* सलामी के पश्चात महाराणा महेंद्र सिंह उदयपुर के लिए प्रस्थान करेगे ।
फ़ोटो :- 1.वीरवर पत्ता की प्राचीन छवि का फ़ोटो ।
2.अनावरण से पहले राजमहल द्वारा भूमि पूजन करते कवर ज्ञानेन्द्र सिंह 

Paliwal Menariya Samaj Gaurav