Latest News
      1. देशभर के 90 प्रतिशत अखबार होंगे बंद, लाखों अखबार कर्मी होंगे बेरोजगार-डीएवीपी का अंधा कानुन-अखबार बचाओ मंच      2. पालीवाल समाज भवन में 22 जुलाई से श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन-भव्य कलश यात्रा निकलेगी      3. आमेट सडक सुरक्षा के तहत जिला परिवहन अधिकारी ने बनाये 20 वाहनों के चालान      4. आमेट वीरवर पत्ता को नमन कर मनाया स्थापना दिवस      5. आमेट महाविद्यालय में हरित राजस्थान सप्ताह-प्रतियोगिता दक्षता कक्षाएँ 15 जुलाई से      6. महाकाल मंदिर में फर्जी पत्रकारों के प्रवेश पर पूरी तरह लगेगा प्रतिबंध- कलेक्टर

राष्ट्रीय लोक अदालत में 113 प्रकरणों का निस्तारण

Suresh Bhat/Ayush Paliwal     Category: राजसमन्द     10 Aug 2015 2:52 PM

राजसमंद। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जिले के विभिन्न न्यायालयों में १३८ एनआईएक्ट, बैंक, अन्य वसूली एवं प्रिलिटिगेशन विवादों से संबंधित राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय पर पूर्व न्यायाधीश डॉ. बसन्तीलाल बाबेल की अध्यक्षता व अधिवक्ता अशोक कुमार पालीवाल एवं गोपाल कृष्ण आचार्य की मौजूदगी में राष्ट्रीय लोक अदालत अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान कुल ६७ प्रकरणों का निस्तारण किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायक्षेत्र में कुल ८६७ प्रकरण रखे गये। जिसमें १३८ एनआई एक्ट के १० प्रकरण, अन्य वसूली सम्बन्धी प्रकरण ६ एवं प्रिलिटिगेशन के ९७ प्रकरण, कुल ११३ प्रकरणों का लोक अदालत के माध्यम से निस्तारण किया गया। इन प्रकरणों में कुल २९,३३,५९३ रूपये की अवार्ड राशि पारित की गई। इसलिए कहा जाता है कि लोक अदालत में न किसी की हार होती है न किसी की जीत होती है। समय, श्रम व धन की बचत होने के कारण पक्षकारों की खुशी का ठिकाना न रहा।