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पालीवाल समाज द्वारा माँ रुक्मिणी जी का भव्य मंदिर बनाने का निर्णय-सहयोग की अपील - Paliwalwani.com

पालीवाल समाज द्वारा माँ रुक्मिणी जी का भव्य मंदिर बनाने का निर्णय-सहयोग की अपील

sanjay paliwal...✍️     Category: राजस्थान     12 Aug 2018 (3:38 PM)

पालीवाल सेवा संस्थान के माध्यम से निर्माण का कार्य 

पाली। राजस्थान में पालीवाल ब्राह्मण की आन-बान-शान का प्रतिक पाली में पालीवाल समाज द्वारा माँ रुक्मिणी जी का भव्य मंदिर बनाने का निर्णय हुआ। इस हेतु दानदाताओं द्वारा दिल खोलकर तन-मन-धन से सहयोग कर दान की राशि भी जमा कराई जा रही है। किंतु, अभी भी कई स्वजनों द्वारा इस हेतु सहयोग राशि की घोषणा नहीं की गई है। यह मंदिर हमारी विरासत, हमारे पूर्वजों के त्याग, बलिदान, आत्मसम्मान, हमारी एकता और हमारी पहचान का प्रतीक होगा। इसके जरिए हम अपनी आने वाली संततियों को एक ऐसी धरोहर सौंपकर जाएंगे। आने वाली पीढ़ी अपने गौरवशाली इतिहास को याद कर हम सबको सदियों तक धन्यवाद ज्ञापित कर पाएंगे। उदाहरण के तौर पर जैसे सिक्खों का गोल्डेन टेम्पल, मुस्लिमों का मक्का मदीना, ईसाईयों का वेटिकन सिटी, आदि ऐसे कई प्रतीक हैं, जिन्होंने सदियों से इन समुदायों को एक अलग पहचान स्थापित करने में अहम रौल दिखाई देता है। इसी धरोहर ने श्रद्धा के अटूट बँधन में बांध कर एकसुत्र में दिखाई देते है। ऐसे ही पाली का अपना यह मंदिर विश्व के सभी पालीवालों को आगे आने वाली कई सदियों तक एकता के सूत्र में पिरोने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वैसे तो हमारे समाज में कई भामाशाह ऐसे भी है जो अन्य समाज में काफी सहयोग करते है। जिसके कारण हमारे पालीवाल समाज का मान-सम्मान भी बढ़ता है। पालीवाल समाज में एक नहीं कई भामाशाह ऐसे भी है जो अकेले अपने दम पर माँ रुक्मिणी जी का मंदिर का संपूर्ण निर्माण करा सकते हैं ओर स्थापित करवाकर समाज को सौंप सकते है। लेकिन वो समर्पण समाज का नहीं होकर एक व्यक्ति एक परिवार में बांध जाएगा। जिससे मंदिर बनाने का उद्ेश्य पूर्ण नहीं हो पाएगा...क्योंकि हम पालीवाल समाज के प्रत्येक परिवार से एक रूपए...एक ईट के संदेश को सार्थक करने में जूटे हुए ताकि दान करने वाले परिजनों को बार-बार पाली में स्थापित माँ रुक्मिणी जी के दर्शन करने की अभिलाषा जाग्रृत होती रहे। दान से घर में माँ लक्ष्मी का सदा निवास होता है। पालीवाल समाज की इच्छा है कि इस भव्य मंदिर में हर पालीवाल का कुछ न कुछ सहयोग हो जिससे हर पालीवाल और उसकी आने वाली संततियां इससे अपना जुड़ाव महसूस कर सकें। इसलिए कतारबद्व स्वजनों से सादर अपील है कि यदि आपने माँ रुक्मिणी जी के भव्य मंदिर हेतु ईंटों का दान नहीं किया है, तो कृपया अतिशीघ्र इस शुभ कार्य को संपन्न किजिए। सच कहा गया है कि नेक काम में देरी नहीं करनी चाहिए। शुभस्य शीघ्रम...तुरंत दान, महा कल्याण। अत : यथा शीघ्र, अपने सहयोग की घोषणा करें। यदि कोई स्वजन किन्हीं विशेष कारणवंश घोषणा नहीं कर सकते या इंतज़ार मे हैं किसी विशेष अवसर पर जैसे जन्मदिन, वर्षगाँठ, फ़सल कटने आदि का, वो संकल्प करें कि वे उस नियत तिथि को इस शुभ कार्य में एक ईट अवश्य दान करेंगे। जिन स्वजनों को संकल्प करने में भी हिचक महसूस हो, वो मन से इच्छा जागृत करें कि माँ रुक्मिणी जी उन्हें इस इस नेक कार्य को शीघ्र संपन्न करने में सहायता करें। यदि किसी स्वजन को कोई आशंका पैदा हो कि कहीं उनके पैसे का दुरुपयोग तो नहीं होगा, उन्हें बताना चाहता हैं कि मंदिर निर्माण का कार्य एक रजिस्टर्ड संस्था “पालीवाल सेवा संस्थान“ के माध्यम से हो रहा है जिसकी छवि पुरे विश्व में शुद्व मन से निस्वार्थ भावना से समाज में काम करने वाली एकमात्र संस्था का रिकार्ड काँच की तरहा बिलकुल साफ-सुथरा है। इस संस्था में जो भी समाजसेवी जूडे हुए है, वो खुद स्वयं के पैसे से खर्चा कर समाज को बताएं बिना समाज सेवा में कई प्रतिभाओं को बिना बताएं सहयोग कर रहे है। जिसके सम्मानीय अध्यक्ष श्री जयपाल पालीवाल, (मुंबई) वाले है। जो उच्च शिक्षित हैं और बिरला समूह से जूड़कर उच्च पद से सेवानिवृत्त हुए। श्री जयपाल पालीवाल ने अपना संपूर्ण जीवन पालीवाल समाज की भलाई के लिए समर्पित किया है। श्री जयपाल पालीवाल सहित अन्य पदाधिकारी भी समाज के लिए तन-मन-धन से सदा समर्पित और अति सम्मानित हैं। अत : आप अपनी सहयोग राशि सीधे “ पालीवाल सेवा संस्थान“ के बैंक खाते में जमा करा सकते हैं जिसका विवरण निम्नलिखित है। मन में किसी भी प्रकार की आशंका होतो तो संस्थान के पदाधिकारियों से तुरंत संपर्क कर मन की आशंका दुर किजिए।
पालीवाल की एकता का संदेश देकर माँ रुक्मिणी जी का भव्य मंदिर बनाने के लिए आप स्वेच्छा से अपना सहयोग प्रदान किजिए...। पुन : आप सभी का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सहयोगकर्ता, सहयोगीयों के प्रति आभार...

पालीवाल ब्राह्मण सेवा संस्थान, पाली
Paliwal Brahman Seva Sansthan
State Bank of India,
Branch: Pali city Rajasthan
Current A/c no. 35045303516
IFSC: SBIN 0005671


पालीवाल वाणी समाचार पत्र-संजय पालीवाल (चैराई)...✍️
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