Latest News
      1. उर्जित पटेल के पीछे छिपा इस्तीफा का राज      2. राधाकृष्ण सीरियल में गजब के दिख रहे है धनबाद के आलोक शर्मा      3. श्री गुलाबचंद्र व्यास का निधन-अंतिम यात्रा आज      4. इंदौर में भाजपा को हो रहा है नुकसान-सर्वे में कांग्रेस जीत की ओर      5. श्री बबलु बागोरा का दुःखद निधन-अंतिम यात्रा कल       6. श्रीमती बारैया सुंदरबेन का 102 वर्ष की आयु में निधन-छाई शोक की लहर

पार्षदों को दिए बाजार से महंगे लैपटॉप-निगम को लाखों का चूना

Sourabh Purohit      Category: राजस्थान     09 Jul 2016 (9:48 AM)

जोधपुर से सौरभ पुरोहित
जोधपुर (राज.)। महापौर की बजट घोषणा के अनुरूव पार्षदों को दिए गए लैपटॉप की खरीद में गड़बडि़यां सामने आई हैं। पार्षदों को निगम की ओर से जो लैपटॉप वितरित किए गए वो पुराने वर्जन के हैं। उनकी जगह नए वर्जन के लैपटॉप कम कीमत में उपलब्ध हो रहे हैं। इसके अलावा लैपटॉप की खरीद सरकारी कंपनी निक्सी से किए जाने के बाद भी इस खरीद में लगभग साढ़े

बारह लाख की गड़बड़ी सामने आई है!

राजस्थान पत्रिका ने वितरित लैपटॉप की बाजार में मिल रहे नए लैपटॉप से तुलना कर पड़ताल की, जिसमें कई गड़बडि़यां सामने आईं।
पार्षदों को जो लैपटॉप बंटे, वर्तमान में उनकी मार्केट वैल्यू तकरीबन 30 हजार के आस.पास आंकी जा रही है। वहीं नगर निगम ने प्रति लैपटॉप 52 हजार रुपए खर्च किए हैं।
नगर निगम ने सरकारी एजेंसी निक्सी से परचेस इनवॉइस में मार्च 2016 में 49000 में एक लैपटॉप खरीदा। परचेस ऑर्डर में लैपटॉप की कीमत 46450 रुपए लिखी गई।
सप्लाई के समय इस कीमत में 5 फीसदी वैट और 10 फीसदी निक्सी का शेयर मिला कर एक लैपटॉप की कीमत 53417 रुपए हो गई।
नगर निगम ने सरकारी एजेंसी से इसी भाव में 72 लैपटॉप खरीदे। इसके लिए निक्सी को 37 लाख 57 हजार रुपए का भुगतान किया।

जबकि 53417 की कीमत से 72 लैपटॉप की कीमत 38 लाख 46 हजार 24 रुपए हो रही है।
वितरित लैपटॉप और लेटेस्ट लैपटॉप की तुलनात्मक पड़ताल
विशेषता ... वितरित लैपटॉप .. नया लैपटॉप
जनरेशन आई 3 थर्ड आई 3 6 जनरेशन
हार्ड डिस्क 500 जीबी 1 टीबी ;1000 जीबी
स्क्रीन साइज 14 इंच 15.5 इंच
डीवीडी प्लेयर इनबिल्ट नहीं ;अलग से दिया गया। इनबिल्ट
रैम 4 जीबी 4 जीबी
वारंटी 3 साल ;अतिरिक्त रुपए देकर ली जाती है, 1 साल

हमने पहले ही बताया था


हमने वही रेट दी जो हमारे पास निक्सी से आई। उसी रेट के आधार पर लैपटॉप की खरीद करके निगम को दिए गए। साथ ही निगम के अधिकारियों को पूर्व में बता दिया गया था कि ये लैपटॉप पुराने हैं। लेकिन बजट कम होने के कारण उन्होंने इन्हीं लैपटॉप की खरीद करने का ऑर्डर दिया था।
श्री हनुमान सिंह गहलोत.एनआईसी अधिकारी

एजेंसी से मिली रेट के आधार पर ऑर्डर दिया


हम सरकारी एजेंसी के अलावा किसी से खरीद करवा नहीं सकते। इसलिए जो भी सरकारी एजेंसी ने रेट दी। उसी के आधार पर ऑर्डर दिया है। प्राइवेट डीलर से तो हम खरीद नहीं सकते। हमारी बाध्यता है।
श्री घनश्याम ओझा. महापौर
जोधपुर, राजस्थान

Paliwal Menariya Samaj Gaurav