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पालीवाल जय अंबे ग्रुप द्वारा 8 अगस्त को सावन सोमवार का आयोजन होगा - Paliwalwani.com

पालीवाल जय अंबे ग्रुप द्वारा 8 अगस्त को सावन सोमवार का आयोजन होगा

Akhilesh joshi      Category: इंदौर     05 Aug 2016 (11:24 PM)

इंदौर। पालीवाल समाज 24 श्रेणी इंदौर के श्री अखिलेश जोशी ने पालीवाल वाणी को बताया कि पालीवाल जय अंबे ग्रुप इंदौर की ओर से प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी 8 अगस्त को सावन सोेमवार के दिन सुबह 6 बजे से अभिषेक, 7 बजे रूद्रअभिषेक, शाम को 7 बजे महाआरती के तद्पश्चात् प्रसाद वितरण होने के बाद समाजबंधुओं की ओर से भजन किर्तन की धुम मचेगी। पालीवाल उत्सव कमेठी के अध्यक्ष उमेश पुरोहित, मंत्री योगेश जोशी, पालीवाल नवयुवक मंड़ल अध्यक्ष प्रदीप पालीवाल, मंत्री सुरज जोशी ने समाजबंधुओं से अपील की है कि धार्मिक कार्य में तन-मन-धन से सहयोेग करे आयोजन को सफल बनाए। विशेष रूप से पालीवाल समाज 24 श्रेणी इंदौर के पदाधिकारी मौजूद रहेगें। पालीवाल जय अंबे ग्रुप द्वारा 8 अगस्त को सावन सोमवार का आयोजन आयोजित किया जा रहा है।

श्रावण माह में भी सोमवार का विशेष महत्व

श्रावण माह में भी सोमवार का विशेष महत्व है। वार प्रवृत्ति के अनुसार सोमवार भी हिमांषु अर्थात चन्द्रमा का ही दिन है। स्थूल रूप में अभिलक्षणा विधि से भी यदि देखा जाए तो चन्द्रमा की पूजा भी स्वयं भगवान शिव को स्वतः ही प्राप्त हो जाती है क्योंकि चन्द्रमा का निवास भी भुजंग भूषण भगवान शिव का सिर ही है।
अर्थात् - तीन दलों (पत्तियों) से युक्त एक बिल्वपत्र जो हम शिव को अर्पण करते हैं, वह हमारे तीन जन्मों के पापों का नाश करता है तथा त्रिगुणात्मक शिव की कृपा भौतिक संसाधनों से युक्त होती है। अतरू श्रावण मास में भगवान भोले को इनके अर्पण करने से अधिक फल प्राप्त होता है।

भगवान शिव की पूजा से सुखी होता है दांपत्य जीवन

चन्द्रमा भगवानशिव को अत्यंत प्रिय हैं। सोम अर्थात चन्द्रमा का दिन सोमवार होने से सोमवारी पूजा से अत्यंत प्रसन्न होते हैं भगवान शिव। सावन का प्रत्येक दिन पावन है। इस मास का हर दिन व्रत का दिन है। फिर भी सावन में सोमवार का सर्वाधिक महत्त्व है। श्रावण मास और श्रवण नक्षत्र के स्वामी चन्द्रमा हैं। चन्द्रमा भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। इसलिए भगवान उन्हें अपने मस्तक पर धारण किए हुए हैं। चन्द्रमा के प्रति विशेष लगाव के कारण ही शिव को शशिधर, चन्द्रशेखर, चंद्रमौलेश्वर आदि नामों से भी जाना जाता है। चन्द्रमा औषधियों के स्वामी है। वे अपनी शीतलता एवं औषधीय प्रभाव से भगवान शिव के गले में अवस्थित विष के ताप से उत्पन्न प्रभाव को शांत करते हैं। सोमवार सोम अर्थात चन्द्रमा का ही दिन है अतएव सावन मास के सोमवार को की गई पूजा-अर्चना से भगवान शिव और पार्वती दोनों अत्यंत प्रसन्न होकर श्रद्धालुओं पर विशेष कृपा करते है।

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