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पालीवाल समाज का होगा ऐतिहासिक आयोजन

कांकरोली। अखिल भारतीय पालीवाल ब्राह्मण समाज, पालीवाल युवक मंडल का...Read More

श्री पालीवाल बाल विनय मंदिर-श्री जसराम मेहता ने दिए 51000 हजार रूपए

इंदौर। श्री पालीवाल बाल विनय मंदिर निःशुल्क शिक्षण संस्थान श्री प...Read More

भव्य चल समारोह में पालीवाल समाज देगा एकता का परिचय

इंदौर। सांवरिया धाम सेवा समिति इंदौर के आयोजक पंड़ित भानु पालीवाल, प...Read More

पूजा पालीवाल, कोमल पालीवाल बनी कम्प्यूटर इंजीनियरिंग में टाॅपर्स

पालीवाल समाज की बेटीयों ने किया कमाल

नाथद्वारा। पालीवाल ...Read More

Home ➟ आपकी कलम(Articles)Articles
ये जगह किस लिए...सब कुछ बंट गया
 Posted by-कमलेश जोशी-कांकरोली राजस्थान          On-2017-10-22 18:32:04

सब कुछ बंट गया ये कलह किस लिए
लड रहे तुम यहां बेवजह किस लिए

अमन से कभी रहना आया ही नहीं
खून में लिपटी ये फतह किस लिए

नफरतों की नदियां निकली निरंतर
समंदर मे ढूंढे फिर ये सतह किस लिए

न शोर मचाओ ना यूं बातें बनाओ
मुहब् Read More

मौन...जवाब नही देता
 Posted by-कमलेश जोशी- कांकरोली          On-2017-10-22 16:30:57

मौन
जवाब नही देता
कुछ भी नहीं कहता
सवालों की बौछार सहता
चुप रहने का कारण क्या ....
मौन
एक शक्ति
सहनशीलता की
शक्ति अनुभव की
मौन खुद जवाब बनता
सवाल परेशान होता रहता ...
मौन
घिरा रहता
सवालों से हरदम
मौन जवाब Read More

मर जवान ! मर किसान ! और अब मर नौजवान !
 Posted by-बरुण कुमार सिंह          On-2017-06-14 18:01:04

भारतीय जनता पार्टी ने 16 मई 2014 को दिन तीन साल पहले लोक सभा में पूर्ण बहुमत हासिल किया था। जिसने बड़े-बड़े राजनीतिक पंडितों को चौंका दिया। यह तो सब मानते थे कि बीजेपी को बढ़त हासिल है, पर वह इतनी अधिक सीटें ले आएगी और कांग्रेस 50 की स Read More

रोज खुलता है किताबों में...
 Posted by-Lucky nimesh          On-2017-06-04 16:45:18

यहाँ हर ख्वाब सजता है किताबो में !
सुकूँ हर रोज मिलता है किताबों में !!
नहीं भटको कहीं पे तुम चले आओ !
कि रस्ता रोज खुलता है किताबों में !!
निराशा भी नही फटके तेरे दिल में !
कि सूरज रोज उगता है किताबों में !!
यही तो है जमाने भर कम Read More

ग्लोबलगिविंग की भारत में संभावना भरी दस्तक
 Posted by-Lalit Garg          On-2017-05-03 13:53:53

दुनियाभर के दानदाताओं को भारत में दान के लिये प्रोत्साहित किये जाने की दृष्टि से क्राउडफंडिंग एक सशक्त माध्यम है। भारत के लिए क्राउडफंडिंग भले ही नया हो पर इसकी अपार संभावनाएं हैं। आने वाले समय में क्राउडफंडिंग भारत की विभिन् Read More

असाधारण चुनाव के असाधारण नतीजे- डॉ नीलम महेंद्र
 Posted by-डॉ नीलम महेंद्र          On-2017-03-22 15:56:09

राजनीति में अगर लाग इन  विकास  है तो पासवर्ड  हिन्दुत्व 

हमारा अतीत हमारे वर्तमान पर हावी होकर हमारे भविष्य पर प्रश्न चिह्न लगा देता है , एक कटु सत्य । सबका साथ,सबका विकास क्या संभव हो पाएगा जब यूपी मे Read More

चैतन्य महाप्रभु की संकीर्तन रस संस्कृति
 Posted by-Lalit Garg          On-2017-03-12 20:02:55

चैतन्य महाप्रभु भारतीय संत परम्परा के भक्ति रस संस्कृति के एक महान् कवि, संत, समाज सुधारक एवं क्रांतिकारी प्रचारक थे। वैष्णव धर्म के परम प्रचारक एवं भक्तिकाल के प्रमुख कवियों में से एक थे। उन्होंने जात-पांत के बंधन को तोड़ने और स Read More

माँ का बंटवारा
 Posted by-नीलेश पालीवाल (धर्मेटा) राजसमंद,राजस्          On-2017-03-09 01:32:00

"छोटे थे तो लड़ते थे
माँ मेरी है माँ मेरी है
आज बड़े हैं तो लड़ते हैं
माँ तेरी है माँ तेरी है।"
पिता ने आँगन घर बनवाया
माँ ने भर दिया प्यार,
बेटों ने मिलकर चुन डाली
अब आंगन में दीवार।
चला गया वो सह न सका
यह ब Read More

संत दादू सामाजिक कुरीतियों और धार्मिक पाखंडों के खिलाफ आवाज उठाने वाले महान् समाज सुधारक
 Posted by-Lalit Garg          On-2017-03-02 13:12:32

भारतभूमि अनादिकाल से संतों एवं अध्यात्म के दिव्यपुरुषों की भूमि रहा है। यहां का कण-कण, अणु-अणु न जाने कितने संतों की साधना से आप्लावित रहा है। संतों की गहन तपस्या और साधना के परमाणुओं से अभिषिक्त यह माटी धन्य है और धन्य है यहां की Read More

सशक्त वित्तीय अनुशासन का संदेश- ललित गर्ग
 Posted by- ललित गर्ग          On-2017-02-05 11:53:15

बजट हर वर्ष आता है। अनेक विचारधाराओं वाले वित्तमंत्रियों ने विगत में कई बजट प्रस्तुत किए। पर हर बजट लोगों की मुसीबतें बढ़ाकर ही जाता है। लेकिन इस बार बजट ने नयी परम्परा के साथ राहत की सांसें दी है। इस बजट में कृषि, डेयरी, शिक्षा, कौ Read More

देखा तेरा कमाल
 Posted by-Balkrishan Bagora(Jalendra)          On-2017-01-05 07:59:26

गुजरात के मोदी, देखा तेरा कमाल,
विरोधी सभी हो रहे है, बेहाल।
किसी ने सोचा नही, ऐसी चलेगा चाल,
दूसरे तो दूसरे, अपनो के फुल गये गाल।
एक ही दॉव में, सबको चित कर दिया,
हवा ऐसी चली, दो नम्बरी को परेषान कर दिया।
आम जनता, को Read More

क्यों न स्त्री होने का उत्सव मनाया जाए - डाँ नीलम महेंद्र
 Posted by-Ayush Paliwal          On-2016-12-18 19:02:49

सम्मान की शुरूआत स्त्री को ही करनी होगी  स्वयं से । सबसे पहले वह अपना खुद का सम्मान करे अपने स्त्री होने का उत्सव मनाए । स्त्री यह अपेक्षा भी न करे कि उसे केवल इसलिए सम्मान दिया जाए क्योंकि वह एक स्त्री है , यह सम्मान  किसी सं Read More

औपचारिता - हिन्दी दिवस विशेष
 Posted by-Balkrishan Bagora          On-2016-09-14 04:20:05

देश का स्वाभिमान,
हमारी राष्ट्रभाषा हिन्दी,
को कितना मिला मान है,
हर घर, परिवार ही इस
भाषा का कर रहे अपमान|

जि Read More

मदर टरेसाः शांति एवं सेवा का शंखनाद - ललित गर्ग
 Posted by-lalit garg          On-2016-08-26 14:37:15

 माँ दुनिया का सबसे अनमोल शब्द है। एक ऐसा शब्द जिसमें सिर्फ अपनापन, सेवा, समर्पण और प्यार झलकता है। माँ हमारे जीवन में सबसे महत्वपूर्ण स्थान रखती है। माँ शब्द जुबान पर आते ही एक नाम सहज ही सामने आता है और वह हैं मद Read More

नौजवान देखें नये समाज निर्माण का स्वप्न !
 Posted by-Lalit Garg          On-2016-08-12 11:59:38

सारी दुनिया प्रतिवर्ष 12 अगस्त को अन्तर्राष्ट्रीय युवा दिवस मनाती है। सन् 2000 में अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस का आयोजन आरम्भ किया गया था। यह दिवस मनाने का मतलब है कि पूरी दुनिया की सरकारें युवा के मुद्दों और उनकी बातों पर ध्यान आकर्ष Read More

त्रासद है उम्र की शाम का भयावह बनना
 Posted by-lalit garg          On-2016-07-23 12:18:03

पूरी दुनिया में वृद्धों का समाज बढ़ रहा है और उनकी खिलखिलाहट कम होती जा रही है। भारत सहित अगर हम दुनिया का आकलन करें तो 2050 तक दुनियाभर में साठ वर्ष की उम्र वाले लोगों की तादाद 11 से बढ़कर 22 फीसद हो जाएगी। विश्व स्वास्थ्य संगठन के Read More

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भगवा ध्वज को अपना गुरु माना
 Posted by-Nilesh Paliwal          On-2016-07-19 10:30:17

भारतीय संस्कृति में गुरु को असीम श्रद्धा एवं आदर का केंद्र माना गया है। गुरु को आचार्यो देवोभव की संज्ञा दी गई है। आषाढ मास की पूर्णिमा व्यास पूर्णिमा या आषाढी पूनम के नाम से प्रसिद्ध है। इसी दिन गुरुकुलो में वि Read More

गुरु पूर्णिमा आत्म-बोध की प्रेरणा का शुभ त्यौहार
 Posted by-Lalit Garg          On-2016-07-18 22:20:39

पश्चिमी देशों में गुरु का कोई महत्व नहीं है विज्ञान और विज्ञापन का महत्व है परन्तु भारत में सदियों से गुरु का महत्व रहा है। जीवन विकास के लिए भारतीय संस्कृति में गुरु की महत्वपूर्ण भूमिका मानी गई है। गुरु की सन्निधि, प्रवचन, आशीर Read More

यह ऐसा देश हमारा
 Posted by-Devdutt Paliwal          On-2016-07-15 14:22:33

ओ भरतवंश के लोगो
ओ मनु के प्रबल प्रतापी
यह भारत देश है मेरा
हैं इसकी कथा निराली

तुम चाहे कितना बाटो
हम नहीं हैं बाटने बाले
तुम कोशिश कितनी कर लो
हम मिलकर रहने वाले
Read More

"यास" पुरुस्कार
 Posted by-Devdutt Paliwal          On-2016-07-15 13:52:49

खून पसीने के बल पर जो पुरुस्कार को पता है,
कीमत बही समझता उसकी वह कभी नहीं लौटता हैं|
चाटुकारिता के बल पर जो पुरुस्कार पा जात्ते हैं,
खुलती हैं पोल जगत मैं जब तव वापस दे जाते हैं|
है शक्ति अगर सच लिखने की क् Read More