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दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण में पदों के सृजन, वेतन वृद्धि व आरक्षण का ध्यान रखा जाये-श्री अरूण यादव

Arvind dave     Category: भोपाल     16 Aug 2016 (2:56 PM)

भोपाल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री अरूण यादव ने प्रदेश की राज्य सरकार द्वारा दैनिक वेतन भोग कर्मचारियों को नियमित करने की घोषणा को लेकर राज्य सरकार से आग्रह है कि इन दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण में पदों के सृजन, वेतन वृद्धि व आरक्षण का ध्यान रखा जाये। श्री यादव ने आगे कहा कि साथ ही दिव्यांगों, गर्भवती महिलाओं व अनुकंपा नियुक्ति पाने वालों को भी इस योजना का सीधा लाभ दिया जाये। श्री यादव ने मुख्यमंत्री द्वाराप्रदेश के 48 हजार दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित किये जाने के संदर्भ में यह बात कही।

स्थायी सांख्येत्तर पदों की तरह यह लाभान्वित होंगे अथवा नई नियामवली होगी

श्री यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने वर्ष 2003 के अपने चुनाव घोषणा पत्र से यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया था, किन्तु सरकार ने सत्ता में आने के बाद इस मुद्दे को ठंडे बस्ते में डाल दिया। लगातार भ्रम की स्थिति बनाये रखने वाले प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चैहान ने गत् दिनों इन्हें नियमित करने की घोषणा तो कर दी, किन्तु यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि अन्य स्थायी कर्मचारियों की भांति सांख्येत्तर पदों की तरह यह लाभान्वित होंगे या फिर सरकार इनके लिए अलग से कोई नियमावली बनायेगी।

दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के लिए सरकार ने क्या पैमाना तैयार !

श्री यादव ने कहा कि प्रदेश की शिवराज सरकार ने इन तथ्यों से अब तक पर्दा नहीं उठाया है कि इन दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के लिए सरकार ने क्या पैमाना तैयार किया है ! क्या वेतन वृद्धि के लिए कुल वेतन का देयक मापदंड निर्धारित रहेगा या वर्तमान वेतन का या दोनों के बीच के अंतर को केंद्र बनाया जाएगा। जहां तक कर्मचारियों के नियमितीकरण की बात है तो यह बेहद आवश्यक और उपयोगी है। इसके साथ ही दिव्यांगों, दिवंगतों के परिजनों को भी इसमें सम्मिलित किया जाना चाहिए।

इसमें अर्धकुशल, कुशल श्रेणी में मतांतर नहीं होना चाहिए

श्री यादव ने कहा कि दैनिक वेतन भोगियों को सेवाकाल में निकाले गये व सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को भी नियमित वेतनमान का लाभ दिया जाना चाहिए। इसमें महिलाओं, पदों के सृजन, वेतन वृद्धि व आरक्षण का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। शासन की जिन्होंने एक नियमित समयावद्धि तक सेवा की है, उनके परिजनों को भी इसमें शामिल किया जाना चाहिए। इसमें अर्धकुशल, कुशल श्रेणी में मतांतर नहीं होना चाहिए। 
श्री यादव ने कहा कि 48 हजार देनिक वेतन भोगी कर्मियों के साथ आरक्षित वर्ग के लोगों को भी इसमें सम्मिलित किया जाना राज्य सरकार की प्राथमिकता होना चाहिए।

पालीवाल वाणी ब्यूरो से अरविंद दवे

Paliwal Menariya Samaj Gaurav